उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में सरयू तथा घाघरा नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से बाढ़ की विभीषिका गहराने लगी है। दोनों प्रमुख नदियां डेंजर लेवल पार कर चुकी हैं, जिससे नवाबगंज क्षेत्र के लगभग 10 गांवों का संपर्क मार्ग पूरी तरह कट गया है। सड़कों पर जलभराव के कारण ग्रामीणों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी के फैलाव के साथ ही जलीय जीवों और मगरमच्छों के आबादी में आने के डर से स्थानीय निवासी बीते कई दिनों से दहशत में जीने को मजबूर हैं।
जलस्तर के आंकड़े और बारिश का पूर्वानुमान
शनिवार को दोनों नदियों के जलस्तर और मौसम की स्थिति कुछ इस प्रकार दर्ज की गई:
- एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से लगभग 27 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी।
- अयोध्या में सरयू नदी लाल निशान से करीब 23 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई।
- घाघरा नदी में करीब 3.57 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे आगामी दिनों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
- जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश कुमार श्रीवास्तव के अनुसार बीते 24 घंटों में जिले के भीतर 54 मिलीमीटर वर्षा हुई है।
- मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि नौ सितंबर तक हल्की और छिटपुट बारिश का दौर जारी रह सकता है।
जलमग्न मार्ग और प्रभावित बस्तियां
माझा क्षेत्र में नदियों का पानी फैलने के कारण कई मार्ग जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ के प्रभाव का विवरण इस प्रकार है:
- बाणी माझा, अहिरन टांणी, साखीपुर माझा, शुकुलपुरवा, चहलावा और तुलसीपुर माझा के निषादपुरवा इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है।
- तुलसीपुर माझा के निषादपुरवा और मल्लाहनपुरवा में कई स्थानों पर पानी कमर से भी ऊपर पहुंच गया है।
- जलभराव की वजह से करीब 10 परिवार पूरी तरह पानी से घिर गए हैं और लगभग 25 घरों के भीतर पानी घुस गया है।
कृषि क्षेत्र को नुकसान और गांवों पर मंडराता खतरा
बाढ़ के फैलाव ने कृषि और तटीय बस्तियों को भी प्रभावित किया है:
- क्षेत्र में करीब 1000 बीघा फसल जलमग्न होने से किसानों की चिंता काफी बढ़ गई है।
- कर्नलगंज क्षेत्र में नदी और एल्गिन-चरसड़ी बांध के मध्य स्थित नकहरा गांव के बाहर तक पानी पहुंच चुका है।
- क्षेत्रीय लेखपाल के मुताबिक वर्तमान में पानी गांव की सीमाओं के बाहर है और किसी मजरे या घनी आबादी में प्रवेश नहीं कर पाया है।
प्रशासनिक राहत एवं बचाव कार्य
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत गतिविधियां चलाई जा रही हैं:
- ऐली परसौली ग्राम पंचायत के मजरों में 16 नावें तैनात की गई हैं और 'हनुमान रथ' के जरिए खाद्य सामग्री व लंच पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं।
- गढ़ी ग्राम पंचायत के लगभग आठ मजरों की 2000 की आबादी प्रभावित हुई है, जहां 10 नावें लगाई गई हैं और स्टीमर से लेखपाल राहत सामग्री बांट रहे हैं।
- बहादुरपुर क्षेत्र में भी लेखपाल के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों को भोजन के पैकेट दिए गए हैं।
सरयू और घाघरा के रौद्र रूप और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, और यदि जलस्तर में और इजाफा हुआ तो कई नए इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने का खतरा मंडरा रहा है।


