Gonda News: राखी से जुड़े एक विज्ञापन को लेकर चल रहे विवाद के बीच गोंडा सदर से भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने भाजपा सांसद कंगना रनौत के रुख का समर्थन किया है। शुक्रवार को गोंडा स्थित अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत में विधायक ने कहा कि किसी भी तरह के प्रयोग के बाद जनता की प्रतिक्रिया को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
‘लोग अपने त्योहारों का मजाक पसंद नहीं करते’
प्रतीक भूषण सिंह ने कहा कि त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज की परंपरा, संस्कृति और पहचान से जुड़े होते हैं। ऐसे में अधिकांश लोग नहीं चाहते कि त्योहारों को ऐसे अंदाज में प्रस्तुत किया जाए, जिससे उनकी मूल भावना प्रभावित हो।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग समुदायों के अपने पारंपरिक तौर-तरीके और पहनावे होते हैं, जिनका सम्मान किया जाना चाहिए।
पारंपरिक पहनावे की पैरवी
भाजपा विधायक ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में पारंपरिक कपड़ों का अपना महत्व है। पुरुषों के कुर्ता-पायजामा और महिलाओं की साड़ी जैसे परिधान हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान हमारी संस्कृति और परंपराओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी भी अपनी विरासत से जुड़ी रहे।
‘अगर प्रयोग था तो जनता का फीडबैक भी मानना चाहिए’
राखी के विज्ञापन पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक ने कहा कि यदि इसे किसी नए प्रयोग के तौर पर पेश किया गया था और जनता ने उसे स्वीकार नहीं किया, तो उसके फीडबैक को गंभीरता से लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर बहस या विरोध खड़ा करना जरूरी नहीं है। जनता की राय को समझना और उसके अनुसार बदलाव करना भी जरूरी है।
कृति सेनन के विज्ञापन को लेकर शुरू हुआ विवाद
यह विवाद भाजपा सांसद कंगना रनौत की ओर से अभिनेत्री कृति सेनन के राखी से जुड़े विज्ञापन पर आपत्ति जताए जाने के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद राहुल गांधी ने कृति सेनन के समर्थन में प्रतिक्रिया दी थी।
अब प्रतीक भूषण सिंह के बयान से यह राजनीतिक बहस गोंडा तक भी पहुंच गई है। विधायक ने स्पष्ट किया कि उनका जोर किसी व्यक्ति को सही या गलत साबित करने के बजाय त्योहारों की गरिमा और जनता की भावनाओं के सम्मान पर है।


