Riyadh News: गोंडा से सांसद एवं विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित भारतीय दूतावास का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दूतावास के अधिकारियों से मुलाकात कर उनके कार्यों और दायित्वों की समीक्षा की। विदेश राज्य मंत्री ने अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
बैठक में भारत और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के साथ ही वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को बेहतर कांसुलर सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष चर्चा हुई।
भारत-सऊदी रिश्तों को नई मजबूती देने पर चर्चा
कीर्तिवर्धन सिंह ने अधिकारियों के साथ भारत और सऊदी अरब के बीच बढ़ते सहयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक, तकनीकी और पर्यटन संबंधों को और विस्तार देने की आवश्यकता है।
उन्होंने दूतावास अधिकारियों से प्रभावी समन्वय के जरिए भारत-सऊदी साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के प्रयास जारी रखने की अपेक्षा की।
भारतीय नागरिकों को बेहतर कांसुलर सेवाएं देने पर जोर
विदेश राज्य मंत्री ने सऊदी अरब में निवास कर रहे भारतीय नागरिकों से जुड़े मुद्दों को भी प्राथमिकता से उठाया। उन्होंने कहा कि दूतावास की सेवाएं अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित होनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय समुदाय को समयबद्ध सहायता मिल सके।
अधिकारियों को लोगों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने और उनके समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
पीएम मोदी के 3T विजन को आगे बढ़ाने की अपील
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 3T विजन—ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म को भारत-सऊदी संबंधों के संदर्भ में आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि व्यापार, तकनीकी सहयोग और पर्यटन के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से न केवल आर्थिक रिश्ते मजबूत होंगे बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क भी बढ़ेगा।
कूटनीतिक और आर्थिक सहयोग पर फोकस
रियाद स्थित भारतीय दूतावास में हुई यह बैठक भारत की विदेश नीति, वैश्विक आर्थिक साझेदारी और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों के लिहाज से महत्वपूर्ण रही। विदेश राज्य मंत्री के दौरे में भारत-सऊदी अरब के संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ भारतीय नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की प्राथमिकता स्पष्ट रूप से सामने आई।


