प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं को अब प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के 400 विधि अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रयागराज के हाईकोर्ट क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में ये घोषणाएं कीं। इस मौके पर उन्होंने अधिवक्ता कक्ष भवन की सांकेतिक चाबी बार एसोसिएशन को सौंपी।
2400 चैंबर्स वाले भवन का भी उल्लेख
मुख्यमंत्री ने करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से बने 2400 चैंबर्स वाले अधिवक्ता कक्ष भवन का जिक्र किया। इस भवन का उद्घाटन 31 मई 2025 को हो चुका है। यहां मल्टीलेवल पार्किंग, डाइनिंग हॉल, कॉमन रूम और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चैंबर्स में जरूरी फर्नीचर और उपकरण उपलब्ध कराने के लिए न्यायपालिका की ओर से प्रस्ताव आने पर राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी।
अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए किए गए फैसले
मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के हित में उठाए गए कई कदमों की जानकारी भी दी। इनमें जिला न्यायालय, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में काम करने वाले विधि अधिकारियों की फीस में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि शामिल है।
इसके अलावा अधिवक्ता कल्याण निधि से मिलने वाली सहायता राशि 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये की गई है। अधिवक्ता की मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सहायता देने की आयु सीमा भी 60 से बढ़ाकर 70 वर्ष कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कौशांबी, लखनऊ, कासगंज और श्रावस्ती समेत करीब एक दर्जन जिलों में अधिवक्ता चैंबर बनाने के लिए भी धनराशि की व्यवस्था की गई है।
‘न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत आम आदमी का विश्वास’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत आम नागरिक का भरोसा है। इस विश्वास को बनाए रखने के लिए समय पर न्याय मिलना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ न्याय उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि न्याय पाने की प्रक्रिया को आम नागरिक के लिए सरल बनाना भी है।
AI और साइबर अपराध जैसी चुनौतियों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के विकास के साथ कानून के क्षेत्र में भी नए विषय सामने आ रहे हैं। साइबर अपराध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा प्राइवेसी, डिजिटल कॉमर्स, बौद्धिक संपदा और क्लाइमेट लिटिगेशन जैसे क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं।
उन्होंने अधिवक्ताओं से तकनीक, अर्थव्यवस्था और समाज में हो रहे परिवर्तनों की बेहतर समझ विकसित करने का आह्वान किया। उनके मुताबिक, नई चुनौतियों के लिए तैयार बार ही भविष्य की न्याय व्यवस्था को मजबूत आधार दे सकती है।
मुख्य न्यायाधीश ने युवा वकीलों से किया आह्वान
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली ने बार एसोसिएशन को हाईकोर्ट का अभिन्न हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि बार के कई अधिवक्ताओं ने लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्य न्यायाधीश ने युवा अधिवक्ताओं से बार और हाईकोर्ट को नई ऊंचाइयों तक ले जाने तथा आम लोगों की सेवा के लिए समर्पित होकर काम करने की अपील की।


