गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा में यूपी को-ऑपरेटिव बैंक की बड़गांव शाखा से जुड़ा कथित बैंक घोटाले का मामला सामने आया है। एक महिला के खाते से 20.10 लाख रुपये हड़पने के आरोप में बैंक के शाखा प्रबंधक समेत आठ नामजद लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। मामला न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज किया गया है।
शिकायत के मुताबिक, महिला के नाम पर करीब 30 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया गया था। आरोप है कि इसके बाद साजिश के तहत ऋण की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया गया और उसमें से बड़ी रकम निकालकर हड़प ली गई।
शिवाकांत के खाते में ट्रांसफर किए गए लाखों रुपये
आरोप है कि महिला के ऋण खाते से शिवाकांत वर्मा के खाते में 7.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद एक ही दिन में 50-50 हजार रुपये के चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 2 लाख रुपये निकाले जाने का आरोप है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 2 अगस्त 2024 को शिवाकांत के खाते में पांच लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा अन्य खातों में भी रकम भेजे जाने की बात सामने आई है।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
मामले में शाखा प्रबंधक अजय कुमार पाल, पवन कुमार पाल, कैशियर पवन तिवारी, सहायक प्रबंधक सुशील गौतम, कर्तार तिवारी, संजीत कुमार, शिवाकांत वर्मा और राधेश्याम उर्फ रघु को नामजद किया गया है।आरोप है कि बैंक अधिकारियों और अन्य आरोपियों की मिलीभगत से ऋण की रकम को अलग-अलग खातों में भेजकर उसका दुरुपयोग किया गया।
CJM के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR
मामले में पीड़िता की ओर से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के आदेश के बाद नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेन-देन, ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया, संबंधित दस्तावेजों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट होगा कि कथित रूप से ट्रांसफर की गई रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस जांच के बाद ही मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।