Gonda News: गोंडा के RMC अस्पताल में इलाज को लेकर सवाल पूछने पर विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रसव के बाद ऑपरेशन को लेकर सवाल पूछने पर डॉक्टर और अस्पताल के स्टाफ ने एक युवक के साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंची उसकी पत्नी, जो हाल ही में प्रसूता हुई थी, के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई।
बताया गया कि घटना के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल के सामने स्थित दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले में अधिवक्ता पंकज गोस्वामी की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने डॉक्टर सुवर्णा और अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बिना जानकारी ऑपरेशन कराने का आरोप
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, शिकायतकर्ता के भाई की पत्नी अनुराधा का प्रसव और उपचार RMC अस्पताल में चल रहा था। आरोप है कि 16 अगस्त 2026 को डॉक्टर ने सामान्य प्रसव की बात कहकर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया था।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि बाद में परिवार को कथित तौर पर जानकारी दिए बिना ऑपरेशन कर दिया गया। इसके बाद 23 अगस्त को प्रसूता का पति अपनी पत्नी और आठ दिन के बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचा और डॉक्टर से ऑपरेशन को लेकर सवाल किया।
सवाल पूछने पर विवाद बढ़ने का आरोप
शिकायत के अनुसार, युवक ने डॉक्टर से पूछा कि यदि ऑपरेशन किया जाना था तो परिवार को पहले इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। आरोप है कि इस सवाल पर डॉक्टर नाराज हो गईं और कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगीं।
तहरीर में आगे आरोप लगाया गया है कि इसके बाद अस्पताल के स्टाफ ने युवक के साथ लात-घूंसे और थप्पड़ से मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंची उसकी पत्नी के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई।
प्रसूता की हालत बिगड़ी, दूसरे अस्पताल में भर्ती
शिकायत में कहा गया है कि धक्का-मुक्की के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। इसके बाद परिजन उसे RMC अस्पताल के सामने स्थित अनंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कराया गया।
शिकायतकर्ता ने डॉक्टर और अस्पताल के स्टाफ पर शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ FIR
मामले में 24 अगस्त 2026 को अधिवक्ता पंकज गोस्वामी की ओर से नगर कोतवाली में तहरीर दी गई। तहरीर के आधार पर डॉक्टर सुवर्णा और अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अब मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में कथित मारपीट, ऑपरेशन से जुड़ी परिस्थितियां, मरीज की सहमति और धमकी समेत शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की पड़ताल की जाएगी।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी स्थिति
यह मामला इलाज और मरीज की सहमति से जुड़े गंभीर सवालों के साथ-साथ कथित मारपीट का भी है। फिलहाल ऑपरेशन बिना सहमति कराने, मारपीट और धमकी देने के आरोप शिकायतकर्ता की तहरीर पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।


