लखनऊ। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था, जब माफिया खुलेआम ऑटोमेटिक हथियार लहराते थे और पुलिसकर्मियों को अपनी सुरक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ता था। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पुलिस पर राजनीतिक दबाव हावी रहता था, लेकिन उनकी सरकार ने इस व्यवस्था को बदलने का काम किया है।

अमर उजाला में प्रकाशित खबर के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में सरकार बनने के बाद पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त कर अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति अपनाई गई। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया गया है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को खुलकर काम करने का अवसर मिला है।

माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पहले अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप लगते थे और पुलिस को कार्रवाई करने में कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में हुई आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अपराध का असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता था। उनके अनुसार, गरीबों, व्यापारियों और आम नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्रमुख जिम्मेदारी है।

शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को किया याद

पुलिस स्मृति दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का बलिदान देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनके समर्पण को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से मुलाकात कर उनके प्रति संवेदना व्यक्त की। कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा शहीद जवानों के परिवार के सदस्य भी शामिल हुए।

पुलिस भर्ती और सुविधाओं पर भी दिया जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश पुलिस में भर्ती और पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने से संबंधित प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कर्मचारियों की उपलब्धता, प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधनों पर ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की जिम्मेदारी का निर्वहन करने का संदेश दिया।

कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कानून का शासन स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। उनका कहना था कि अपराध और माफिया के खिलाफ कार्रवाई से आम जनता में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है।

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर दिया गया यह संबोधन प्रदेश की कानून-व्यवस्था, पुलिस की भूमिका और अपराध के खिलाफ सरकारी नीति को लेकर महत्वपूर्ण रहा।