पत्रादेवी, गोवा: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गोवा के पत्रादेवी में ‘हुतात्मा स्मृति स्मारक’ के उद्घाटन समारोह में भाग लिया और पुर्तगाली शासन के खिलाफ गोवा की मुक्ति के लिए संघर्ष करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

पत्रादेवी गोवा के मुक्ति आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। वर्ष 1955 में पुर्तगाली सेना ने यहां निहत्थे सत्याग्रहियों और स्वतंत्रता सेनानियों पर गोलीबारी की थी, जिसमें कई बहादुर देशभक्तों ने गोवा की मुक्ति के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

राजनाथ सिंह ने कहा कि सत्याग्रहियों का साहस और उनका बलिदान देश के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करने वाला था। इन वीरों के संघर्ष और त्याग ने गोवा की मुक्ति के आंदोलन को नई ऊर्जा दी और अंततः 1961 में गोवा पुर्तगाली शासन से मुक्त हुआ।

उन्होंने कहा कि ‘हुतात्मा स्मृति स्मारक’ गोवा मुक्ति संग्राम के वीर सेनानियों की विरासत को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण कार्य करेगा। यह स्मारक उनके साहस, त्याग और अदम्य भावना की याद को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएगा।

रक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसे स्मारक देश के युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से परिचित कराने के साथ-साथ भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करने के लिए प्रेरित करते हैं।

पत्रादेवी में निर्मित यह स्मारक उन सभी वीरों को सम्मान देने का प्रतीक है, जिन्होंने गोवा की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया और देश के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। यह स्थल आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की प्रेरणा का केंद्र बना रहेगा।