Jabalpur News: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जबलपुर स्थित व्हीकल फैक्ट्री में T-72 और T-90 टैंकों के ओवरहाल प्रोजेक्ट के लिए आयोजित भूमिपूजन समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सेना की ऑपरेशनल तैयारियों को मिलेगी रफ्तार
राजनाथ सिंह ने कहा कि जबलपुर में यह परियोजना शुरू होने से सेना की फील्ड फॉर्मेशन के नजदीक टैंकों के ओवरहाल और रखरखाव की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे टैंकों को दूर स्थित केंद्रों तक ले जाने में लगने वाला समय और लॉजिस्टिक खर्च कम होगा।
उन्होंने कहा कि इससे टैंकों के रखरखाव की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और सेना की ऑपरेशनल एफिशिएंसी एवं तैयारी को मजबूती मिलेगी।
MSME को मिलेंगे नए अवसर
रक्षा मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से देश के घरेलू रक्षा विनिर्माण इकोसिस्टम को भी बढ़ावा मिलेगा। टैंक ओवरहाल से जुड़े निर्माण, सहायक सेवाओं और विभिन्न कलपुर्जों की आपूर्ति में MSME और स्थानीय उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
इससे एक मजबूत और भरोसेमंद घरेलू डिफेंस सप्लाई चेन तैयार करने में मदद मिलेगी। साथ ही मध्य प्रदेश में स्थानीय स्तर पर औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मध्य प्रदेश को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर जोर
राजनाथ सिंह ने कहा कि यह परियोजना मध्य प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे रक्षा और विनिर्माण क्षेत्र का भी प्रतिबिंब है।
उन्होंने Global Investors Summit 2025 और Invest MP 3.0 जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश को डिफेंस और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
MSME और इंडस्ट्री पार्टनर्स से की बातचीत
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने मध्य प्रदेश के MSME और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की। उद्योग प्रतिनिधियों ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।
राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र, MSME और स्थानीय उद्योगों की भागीदारी बढ़ने से देश की रक्षा आपूर्ति श्रृंखला अधिक मजबूत और लचीली बनेगी।
आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार रक्षा तंत्र का लक्ष्य
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा मजबूत, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार रक्षा औद्योगिक आधार तैयार करना है, जिसमें भारतीय सेनाओं की जरूरतों को अधिक से अधिक स्वदेशी क्षमता के जरिए पूरा किया जा सके।
उन्होंने कहा कि जबलपुर का T-72 और T-90 टैंक ओवरहाल प्रोजेक्ट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।


