Panaji News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को गोवा के पणजी में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, सुरक्षा, विकास और विभिन्न लंबित मुद्दों के समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
अमित शाह ने कहा कि क्षेत्रीय परिषदों का उद्देश्य राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवादों और समस्याओं का समाधान निकालना तथा विकास और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर मिलकर काम करना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिषदों को प्रभावी समाधान मंच के रूप में मजबूत करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
तटीय सुरक्षा के लिए राज्यों से ठोस एजेंडा तैयार करने की अपील
बैठक में तटीय सुरक्षा को लेकर विशेष चर्चा हुई। गृह मंत्री ने संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए ठोस एजेंडा तैयार करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सूचनाओं के आदान-प्रदान और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर
अमित शाह ने नशामुक्त भारत अभियान को लेकर भी राज्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से अपने-अपने राज्यों में नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को प्रभावी बनाने के लिए केंद्र और राज्यों की एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। सामूहिक प्रयासों के जरिए इस अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
नई न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन की अपील
बैठक के दौरान नई न्याय संहिताओं के कार्यान्वयन का मुद्दा भी सामने आया। गृह मंत्री ने राज्यों से कानून और न्याय व्यवस्था से जुड़े नए प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने राज्यों से संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर नई न्याय व्यवस्था को जमीन पर प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में काम करने को कहा।
राज्यों की लंबित समस्याओं के समाधान पर फोकस
अमित शाह ने कहा कि क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों का उद्देश्य केवल औपचारिक चर्चा तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इन मंचों के जरिए राज्यों के बीच लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान निकालने और साझा विकास योजनाओं को गति देने का प्रयास होना चाहिए।
पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में तटीय सुरक्षा, नशे के खिलाफ अभियान, नई न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन और अंतरराज्यीय समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। बैठक को पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों के बीच सहयोग और विकास को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।


