गोण्डा। इटियाथोक क्षेत्र के बिशुनपुर तिवारी में महज तीन किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग को लेकर शुरू हुई भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे अवधेश तिवारी उर्फ बजरंगी भैया की तबीयत बिगड़ने की खबर से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग पर अड़े हैं और प्रशासन से ठोस आश्वासन मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

दूसरे दिन भी जारी भूख हड़ताल, बिगड़ रही बजरंगी भैया की तबीयत

ग्रामीणों के मुताबिक, अवधेश तिवारी उर्फ बजरंगी भैया 28 अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलन के दूसरे दिन उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई है। तीन किलोमीटर सड़क बनवाने की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब गंभीर स्थिति में पहुंचता दिखाई दे रहा है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सड़क की समस्या से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठे हैं और सड़क निर्माण को लेकर स्पष्ट निर्णय चाहते हैं।

नायब तहसीलदार पहुंचे, लेकिन नहीं मिला लिखित आश्वासन

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, गुरुवार को मौके पर नायब तहसीलदार पहुंचे थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि बातचीत के बाद सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस आश्वासन मिलेगा, लेकिन उनके मुताबिक कोई लिखित आश्वासन दिए बिना अधिकारी वापस लौट गए।

इसके बाद आंदोलन कर रहे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि भूख हड़ताल के दौरान किसी की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ती है या कोई अनहोनी होती है, तो प्रशासन को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।

विधायक के नहीं पहुंचने पर भी नाराजगी

बिशुनपुर तिवारी में जारी आंदोलन के बीच स्थानीय मेहनौन विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनय कुमार द्विवेदी के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, अब तक विधायक ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों का हालचाल नहीं लिया है।

इससे पहले ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों की ओर से सड़क निर्माण की मांग को लेकर नाराजगी जताई गई थी। आंदोलन से जुड़े लोगों ने “रोड नहीं तो बीजेपी को वोट नहीं” का नारा देकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

महिलाओं और पुरुषों की जुटी भीड़, मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने के संकेत

भूख हड़ताल स्थल पर प्रधान प्रतिनिधि देव प्रकाश तिवारी, प्रधान अंगद प्रसाद वर्मा, बीडीसी राधिका प्रसाद वर्मा और प्रधान चंद्रशेखर तिवारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं। प्रदर्शन में महिलाएं और पुरुष भी शामिल हैं।

ग्रामीणों की मुख्य मांग तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण कराना है। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्या पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन को लेकर आगे का निर्णय प्रशासन के रुख के आधार पर लिया जाएगा।

अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी निगाहें

बजरंगी भैया की तबीयत बिगड़ने की सूचना के बाद भूख हड़ताल को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे में प्रशासन के सामने आंदोलनकारियों से संवाद स्थापित करने और सड़क निर्माण की मांग पर स्पष्ट स्थिति सामने रखने की चुनौती है।

फिलहाल ग्रामीणों की मांग, भूख हड़ताल और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग सड़क निर्माण को लेकर क्या कदम उठाते हैं और आंदोलन समाप्त कराने के लिए प्रशासन की ओर से क्या पहल की जाती है।

रिपोर्टः श्री प्रकाश शुक्ला (ब्लॉक संवाददाता, रूपईडीह)