भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी और उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी सुहास लालिनाकेरे यथिराज ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता में पुरुष सिंगल्स SL4 वर्ग के सेमीफाइनल में उन्हें इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। तीन गेम तक चले मुकाबले में फ्रेडी ने 23-21, 8-21, 21-15 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद सुहास को कांस्य पदक मिला।

दो पैरालंपिक में रजत पदक जीत चुके हैं सुहास

सुहास यथिराज अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन में भारत का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने टोक्यो 2020 पैरालंपिक में पुरुष सिंगल्स SL4 वर्ग में रजत पदक जीता था। इसके बाद पेरिस 2024 पैरालंपिक में भी इसी वर्ग में रजत पदक हासिल कर अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा।

उनकी यह सफलता बताती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

IAS अधिकारी होने के साथ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी

2 जुलाई 1983 को जन्मे सुहास यथिराज भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2007 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं। उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सुरथकल से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उन्होंने आजमगढ़, गौतम बुद्ध नगर और प्रयागराज सहित विभिन्न स्थानों पर जिलाधिकारी के रूप में कार्य किया है।

प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ खेल के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करना उनकी विशेष पहचान है। वह पुरुष सिंगल्स SL4 वर्ग में विश्व के नंबर-1 पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी भी रह चुके हैं।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हासिल कीं कई उपलब्धियां

सुहास यथिराज ने वर्ष 2018 में राष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। खेलों में उनके योगदान के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

एशियन पैरा गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतना उनकी उपलब्धियों की सूची में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी सफलता देश के युवा खिलाड़ियों और दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा है|