वाराणसी क्षेत्र में उफान पर आई नदियों और जलभराव का जायजा लेने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा से जूझ रहे नागरिकों को हर संभव सरकारी इमदाद पहुंचाने का संकल्प जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ के दौरान किसी भी हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को सरकार त्वरित वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

बाढ़ पीड़ितों के लिए 4 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आपदा राहत कोष से 24 घंटे के भीतर पीड़ित परिवारों को 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी, यदि मृत्यु निम्नलिखित परिस्थितियों में हुई हो:

  • बाढ़ के दौरान डूबने, आकाशीय बिजली गिरने या मकान ढहने से।
  • सांप, बिच्छू अथवा अन्य विषैले जीवों के काटने से।
  • मानव और वन्यजीव के बीच हुए संघर्ष में।
  • खेतों में काम करते समय असामयिक मृत्यु होने पर।

सूबे के मुखिया ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को फौरन राहत पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रशासन को सख्त हिदायत दी कि पात्र परिवारों तक आर्थिक और बुनियादी सहायता बिना किसी अनावश्यक देरी के पहुंचाई जाए।

नुकसान की भरपाई के लिए आवास योजना से मिलेगी मदद

सीएम योगी ने बताया कि यदि किसी गरीब नागरिक का आशियाना अग्निकांड, बाढ़ की तेज धार या अन्य हादसों में पूरी तरह नष्ट या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो उसे प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से नया घर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रभावित क्षेत्रों में बचाव व राहत कार्य मुस्तैदी से चलाएं और प्रभावितों की जरूरतों का तत्काल आकलन करें।

राहत शिविरों का निरीक्षण और सामग्री वितरण

दौरे के क्रम में मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाए गए राहत शिविर का खुद निरीक्षण किया। वहां उन्होंने लोगों से बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना, उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री बांटी। इस दौरान उन्होंने बच्चों से स्नेहपूर्ण मुलाकात की और उन्हें चॉकलेट प्रदान की।

बांटी गई राहत सामग्री में शामिल प्रमुख चीजें:

  • बाल्टी और चटाई।
  • दाल, चावल और आटा।
  • गृहस्थी का अन्य आवश्यक सामान।

राहत पैकेट मिलने पर बाढ़ पीड़ितों ने प्रदेश सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया और जलस्तर जल्द घटने की उम्मीद जताई, ताकि वे अपने घरों की ओर लौट सकें।

शिविर में मौजूद लोगों ने व्यक्त किए अपने अनुभव

  • सरईया निवासी मुल्तान बानो ने बताया कि मुख्यमंत्री के हाथों उन्हें राशन और घरेलू उपयोग की सामग्री का पैकेट मिला है। उन्होंने प्रार्थना की कि बाढ़ का पानी जल्द कम हो ताकि उनका परिवार वापस घर जा सके।
  • सलारपुर के रहने वाले प्रदीप कुमार ने कहा कि राहत शिविर में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने सभी पीड़ितों का अभिवादन किया। उन्होंने बताया कि सीएम के आने से पहले ही उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध करा दी गई थी, जिससे लोगों को काफी सुविधा हुई।

दौरे में मौजूद जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी

कार्यक्रम के दौरान शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे:

  • जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन मंत्री रविंद्र जायसवाल और आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’
  • महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव और विधायक त्रिभुवन राम
  • प्रशासनिक अधिकारियों में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशू नागपाल और मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह उपस्थित रहे।

मंदिरों में दर्शन-पूजन के बाद बाबतपुर से प्रस्थान

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत कैंपों का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रसिद्ध बाबा कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके पश्चात उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर जाकर बाबा विश्वनाथ की पूजा-अर्चना की। देव दर्शन के उपरांत वे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से उन्होंने राजकीय विमान द्वारा प्रस्थान किया। उन्होंने जाते-जाते अधिकारियों को फिर ताकीद की कि पीड़ितों को चिकित्सा, राशन व अन्य सहायता देने में जरा सी भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह वाराणसी दौरा बाढ़ की विभीषिका झेल रहे परिवारों के लिए बड़ी सांत्वना लेकर आया है, जहां त्वरित आर्थिक सहायता, राशन वितरण और नए आवास के आश्वासनों से प्रभावित लोगों को बड़ी राहत मिली है।