राजनीति से परे होकर बच्चों का भविष्य गढ़ें शिक्षक: सीएम योगी
गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अध्यापकों से अपील की कि वे शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक विचारधाराओं और निजी स्वार्थों से पूरी तरह मुक्त रखें। मुख्यमंत्री के अनुसार, स्कूल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण केंद्र हैं, अतः शिक्षकों का संपूर्ण ध्यान अध्यापन, नैतिक संस्कारों के संवर्धन और बच्चों की आंतरिक क्षमताओं को निखारने पर केंद्रित होना चाहिए।
81 उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान और शिक्षा सुधार का लेखा-जोखा
इस कार्यक्रम में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 81 मेधावी अध्यापकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार तथा मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 के उपरांत प्रदेश की शिक्षा प्रणाली में आए व्यापक परिवर्तन का उल्लेख करते हुए निम्नलिखित बातें कहीं:
- शिक्षा को राजनीतिक नजरिए से अलग रखकर देखने पर ही राज्य में हुए दूरगामी सुधार दृष्टिगोचर होंगे।
- शिक्षा की नींव जितनी सुदृढ़ होगी, राष्ट्र एवं समाज का आधार भी उतना ही सबल बनेगा।
- शिक्षकों के बीच शैक्षणिक गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आवश्यक है।
पिछली सरकारों पर प्रहार और ऐतिहासिक पहलें
पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले भी शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता था। उन्होंने टिप्पणी की कि सैफई महोत्सव अथवा जन्मोत्सव आयोजनों पर व्यय होने वाली धनराशि का एक अंश भी यदि विद्यादान में लगता, तो लाखों बच्चों का भविष्य संवर सकता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी वादे करना आसान है, किंतु धरातल पर आधुनिक सुविधाएं देना कठिन कार्य है। इस संदर्भ में राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
- प्रदेश के 1 करोड़ 60 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी गई।
- संस्कृत विद्यालयों के शिक्षार्थियों को छात्रवृत्ति की सुविधा से जोड़ा गया।
- स्कूलों की भौतिक स्थिति सुधारने के लिए प्रोजेक्ट अलंकार एवं ऑपरेशन कायाकल्प जैसे अभियान चलाए गए।
- स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का विस्तार किया गया।
यूपी की छवि बिगाड़ने का प्रयास और शिक्षकों को संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को बदनाम करने के उद्देश्य से किसी अन्य राज्य के जर्जर विद्यालय का वीडियो झांसी का बताकर भ्रामक रूप से प्रसारित किया गया। अध्यापकों को उनके उत्तरदायित्व का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षकों की असली प्रतिस्पर्धा चुनावी वादे करने वालों से नहीं, अपितु समय से है। आज चूक जाने पर बच्चे के जीवन का यह अमूल्य समय पुनः नहीं लौटेगा। उन्होंने अध्यापकों का आह्वान किया कि वे केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित न रहकर बालकों में अनुशासन, प्रतिभा और नवाचार की भावना भरें।
गोरखपुर के इस राज्यस्तरीय आयोजन में वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षकों और गणमान्य हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जहां मुख्यमंत्री ने निष्ठावान पठन-पाठन को ही एक सशक्त समाज और समृद्ध भारत की रीढ़ बताया।


