उत्तर प्रदेश के गोंडा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हिदायत पर मुख्यमंत्री राहत कोष योजना के क्रियान्वयन और मरीजों को मिल रहे फायदों का मूल्यांकन करने हेतु सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने शनिवार को एक विशेष समीक्षा बैठक बुलाई। यह बैठक शनिवार सायंकाल 5 बजे शुरू होकर देर रात लगभग 11 बजे तक निरंतर जारी रही। पूरे 6 घंटे चली इस गहन चर्चा के दौरान कुल 458 लाभार्थियों से सीधे संपर्क साधकर योजना के अंतर्गत मिले इलाज एवं आर्थिक सहायता का विवरण जुटाया गया।

सदर विधायक ने प्रत्येक हितग्राही से व्यक्तिगत तौर पर संवाद स्थापित करते हुए योजना के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं का फीडबैक लिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि समीक्षा के दौरान सामने आई दिक्कतों व आम जनता के सुझावों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

विधायक द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार:

  • वर्ष 2023 से 2026 की अवधि में गोंडा जिले के निवासियों को मुख्यमंत्री राहत कोष के जरिए लगभग 7.50 करोड़ रुपये की चिकित्सीय मदद वितरित की जा चुकी है।
  • केवल वर्ष 2026 में अब तक ही लगभग 155 मरीजों को इस कल्याणकारी योजना का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो चुका है।

स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं की मांग

समीक्षा उपरांत विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने सूबे के मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जिन्हें उपचार कराने हेतु लखनऊ, दिल्ली अथवा मुंबई की दौड़ लगानी पड़ती है, उन रोगियों को उम्दा चिकित्सीय सुविधाएं गोंडा जिले के भीतर ही सुलभ कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि मुख्यमंत्री राहत कोष से उपचार हेतु वित्तीय मदद उपलब्ध हो जाती है, फिर भी मरीजों के परिजनों को अन्य शहरों की यात्रा करने, वहां ठहरने तथा भोजन इत्यादि पर भारी अतिरिक्त धन खर्च करना पड़ता है। यदि गोंडा मेडिकल कॉलेज में ये सभी सुविधाएं मुहैया करा दी जाएं तो जरूरतमंदों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक दबाव काफी कम हो जाएगा। समीक्षा में ऐसे लगभग 170 मामले भी चिह्नित किए गए जिनका उपचार गोंडा में ही संभव हो सकता था, परंतु उन्हें मजबूरन लखनऊ रुख करना पड़ा।

कैंसर इलाज और अनुसंधान पर विशेष बल

सदर विधायक ने विशेष रूप से गोंडा मेडिकल कॉलेज में कैंसर के उपचार और इस पर शोध कार्य शुरू करने की पुरजोर मांग रखी है। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि इस बैठक में 50 से अधिक कैंसर पीड़ित मरीजों से मिलकर उनकी कठिनाइयों को गहराई से समझा गया। प्रतीक भूषण सिंह ने कहा कि यदि कैंसर जैसी भयावह बीमारी की पहचान व इलाज शुरुआती दौर में ही मिल जाए तो मरीजों तथा उनके परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। इसके लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज को आवश्यक बजटीय आवंटन और आधुनिक संसाधन मुहैया कराना बेहद जरूरी है, जिससे गोंडा ही नहीं बल्कि देवीपाटन मंडल के चारों जनपदों व निकटवर्ती इलाकों के निवासियों को भी इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।

लाभार्थियों के अनुभव और प्रतिक्रियाएं

समीक्षा बैठक में पहुंचे लाभार्थियों ने योजना से प्राप्त सहायता को लेकर अपनी आपबीती साझा की:

  • गुर्दा प्रत्यारोपण कराने वाले इमरान खान ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष की आर्थिक मदद मिलने से ही उनका उपचार संभव हो सका; उन्होंने गोंडा में ही उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की मांग की।
  • अधिवक्ता त्रिजुयगी नारायण पांडे ने साझा किया कि उनकी पत्नी के गंभीर रोग के इलाज हेतु वित्तीय मदद की सख्त आवश्यकता थी, जो इस योजना से पूर्ण हुई; उन्होंने भी गोंडा में ही गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
  • कृष्ण कुमार तिवारी ने कहा कि उनकी पत्नी की चिकित्सा हेतु सदर विधायक और मुख्यमंत्री जी के माध्यम से सहायता मिली, जिससे कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद उपचार सुचारु रूप से हो पाया।
  • रितु पटेल ने जानकारी दी कि गुर्दे की बीमारी के इलाज के लिए सदर विधायक के प्रयासों से उन्हें अब तक तीन बार मुख्यमंत्री राहत कोष की सहायता मिल चुकी है।
  • सरिता पांडे ने बताया कि पिता के इलाज के लिए संपर्क साधते ही तुरंत सहायता राशि स्वीकृत हुई और वर्तमान में उपचार जारी है।

योजना के सकारात्मक पहलुओं को रेखांकित करते हुए लाभार्थियों ने बताया कि अब स्वीकृतियों की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी तेज हो चुकी है और कई प्रकरणों में महज 15 से 16 दिनों के भीतर सहायता राशि बैंक खातों में आ रही है। हालांकि, विधायक ने कहा कि जो कुछ कमियां या नकारात्मक फीडबैक मिले हैं, उन्हें भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष सुधारात्मक कदम उठाने हेतु रखा जाएगा।

विधायक की प्रमुख मांगें

  • गोंडा मेडिकल कॉलेज को कैंसर के उच्चस्तरीय इलाज हेतु सर्वसुविधायुक्त बनाया जाए।
  • मेडिकल कॉलेज परिसर में कैंसर से जुड़े शोध (रिसर्च) की व्यवस्था शुरू की जाए।
  • गंभीर एवं असाध्य रोगों के स्थानीय उपचार सुविधाओं का दायरा बढ़ाया जाए।
  • रोगियों को इलाज के लिए लखनऊ, दिल्ली तथा मुंबई जाने की विवशता से मुक्ति मिले।
  • गोंडा सहित संपूर्ण देवीपाटन मंडल के निवासियों को क्षेत्रीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएं।
  • मेडिकल कॉलेज को पर्याप्त बजट, आधुनिक उपकरण और चिकित्सा संसाधन मुहैया कराए जाएं।

कुल मिलाकर, गोंडा सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह द्वारा आयोजित इस 6 घंटे लंबी समीक्षा बैठक से स्पष्ट हुआ कि मुख्यमंत्री राहत कोष गरीब मरीजों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रहा है, हालांकि स्थानीय स्तर पर चिकित्सीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता अभी भी बनी हुई है।