उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन को लेकर चल रही तरह-तरह की अटकलों के बीच, गोंडा स्थित अपने आवास पर शनिवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े का दौरा पार्टी में कमियां निकालने या किसी की समीक्षा करने के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि आगामी चुनाव के मद्देनजर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सक्रिय करने के लिए आयोजित किया गया है।

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा गर्म थी कि विपक्षी दलों के हमलों के बीच तावड़े को प्रदेश संगठन की कमियों की जांच के लिए भेजा गया है। इस पर पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया कि चुनाव निकट आने पर केंद्रीय नेताओं का राज्यों में जाना और कार्यकर्ताओं से संवाद करना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।

चुनाव पूर्व संगठनात्मक सक्रियता पर जोर

बृजभूषण शरण सिंह ने तावड़े के प्रवास और पार्टी की भावी रणनीति के संबंध में निम्नलिखित प्रमुख बिंदु रखे:

  • चुनाव के समय वरिष्ठ नेताओं का विभिन्न राज्यों में प्रवास करना, अपना अनुभव साझा करना और आवश्यक दिशा-निर्देश देना भाजपा की सामान्य चुनावी कार्यप्रणाली है।
  • पार्टी पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं को अब पूरी तरह चुनावी गतिविधियों में जुट जाना चाहिए।
  • संगठन के स्तर से जो भी आवश्यक दिशा-निर्देश होंगे, वे शीर्ष नेतृत्व द्वारा समय-समय पर प्रदान किए जाएंगे।
  • तावड़े के आगमन का मूल ध्येय कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरना और चुनावी माहौल के लिए संगठन को और अधिक मजबूत बनाना है।

श्रीराम मंदिर की व्यवस्था और नए सीईओ का मनोनयन

अयोध्या में श्रीराम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में जितेंद्र मिश्रा की तैनाती पर भी पूर्व सांसद ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समय के साथ किसी भी संस्थान, घर या मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए बदलाव करना बेहद जरूरी होता है।

गौर करने वाली बात है कि बृजभूषण शरण सिंह पहले भी मंदिर प्रबंधन और कर्मचारियों से जुड़ी कुछ अव्यवस्थाओं पर ध्यान आकर्षित करा चुके हैं। अब नई नियुक्ति के संदर्भ में उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रशासनिक स्तर पर हुए इस बदलाव से मंदिर का प्रबंधन अधिक सुव्यवस्थित होगा और दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं प्राप्त होंगी।

कुल मिलाकर, पूर्व सांसद ने विनोद तावड़े के दौरे को भाजपा की स्वाभाविक चुनावी तैयारी का हिस्सा करार देते हुए राम मंदिर प्रशासन में हुए नए बदलाव का स्वागत किया है और व्यवस्था में बेहतरी की उम्मीद जताई है।