उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में नवाबगंज स्थित विश्नोहरपुर में अपने आवास पर मीडिया से संवाद करते हुए कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा जुबानी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान की तिथि समीप आते ही राहुल गांधी हिंदू धर्म के प्रति अपनी निष्ठा प्रदर्शित करने लगते हैं। पूर्व सांसद के अनुसार, कांग्रेस की नीति हमेशा से तुष्टिकरण से प्रभावित रही है और चुनाव आते ही उनका रवैया बदल जाता है।

उत्तराखंड में हुए हवन पर उठाए सवाल

बातचीत के दौरान उन्होंने उत्तराखंड में आयोजित कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के पश्चात संपन्न हुए हवन पर पार्टी के रुख पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस भाजपा के धार्मिक अनुष्ठानों पर सवाल उठाती है, तो दूसरी तरफ चुनावी वेला में उसके अपने नेता भी देवालयों का रुख करते और पूजा-अर्चना करते नजर आते हैं।

भाजपा के कार्यक्रमों में धार्मिक परंपरा का महत्व

पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया कि भाजपा के मंचों पर पूजा-अर्चना और हवन की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इस संदर्भ में उन्होंने मुख्य बातें रखीं:

  • चाहे उत्तराखंड हो या देश का कोई भी अन्य राज्य, भाजपा के प्रमुख आयोजनों में धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजन एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।
  • श्री गणेश या हनुमान जी की आराधना करना अथवा कार्यक्रम में अगरबत्ती जलाने जैसी सामान्य धार्मिक रीतियों को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
  • ऐसे धार्मिक आयोजनों को सियासी चश्मे से देखने के बजाय केवल आस्था और परंपरा के रूप में देखा जाना चाहिए।

बृजभूषण शरण सिंह की यह टिप्पणी ऐसे वक्त पर आई है जब आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और बयानों से सियासी पारा चढ़ा हुआ है।