शामली। उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शामली पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी करने के आरोप में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक व्यक्ति को बहला-फुसलाकर बैंक ऑफ इंडिया में उसका खाता खुलवाया और बाद में खाते से संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर उसे अन्य व्यक्ति तक पहुंचा दिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने रुपये का लालच देकर बैंक खाता खुलवाने वाले व्यक्ति से पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और अन्य जरूरी दस्तावेज प्राप्त कर लिए। इसके बाद कथित तौर पर अपने साथियों के माध्यम से उक्त बैंक खाते को किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध करा दिया गया। ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन में किया जा सकता है।
छह राज्यों में दर्ज मिलीं 17 शिकायतें
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित बैंक खाते के संबंध में दिल्ली, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और तेलंगाना समेत विभिन्न राज्यों में साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी कुल 17 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
म्यूल बैंक खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह द्वारा ठगी की रकम प्राप्त करने और उसे आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। कई मामलों में खाताधारक लालच या कमीशन के चक्कर में अपने खाते और बैंकिंग दस्तावेज दूसरे लोगों को सौंप देते हैं, जिससे वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई
शामली पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी साझा की है। मामले में संबंधित बैंक खाते के इस्तेमाल और विभिन्न राज्यों में दर्ज शिकायतों के बीच संबंधों की जांच महत्वपूर्ण है।
पुलिस की कार्रवाई के बीच आम लोगों से अपील है कि वे किसी भी व्यक्ति को रुपये के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, ओटीपी या बैंकिंग संबंधी दस्तावेज न सौंपें। खाते का दुरुपयोग होने पर खाताधारक को भी कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।