Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश की भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता, कथित भ्रष्टाचार, एआई के इस्तेमाल, कानून-व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य, शिक्षा और बाढ़ जैसे मुद्दों पर सरकार से सवाल किए।
एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में तैयार किए गए कुछ एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। उन्होंने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का उदाहरण देते हुए सड़क पर टूट-फूट और गड्ढों का मुद्दा उठाया।
सपा अध्यक्ष ने निर्माण कार्यों में कथित अनियमितता और कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि परियोजनाओं में आवंटित बजट का इस्तेमाल किस तरह हुआ और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए।
एआई के इस्तेमाल पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने अपने खिलाफ कथित तौर पर एआई तकनीक से वीडियो बनाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल सकारात्मक और जनहितकारी कार्यों में किया जाना चाहिए।
उन्होंने एआई के माध्यम से कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर सेवाएं देने की संभावनाओं का जिक्र किया। उनका कहना था कि किसानों को मौसम, फसलों में बीमारी और संभावित आपदाओं की पहले से जानकारी उपलब्ध कराई जाए तो नुकसान को कम किया जा सकता है।
कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक राजनीति का मुद्दा
सपा अध्यक्ष ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में राजनीतिक माहौल को सांप्रदायिक दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को संविधान और कानून के अनुसार काम करना चाहिए। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर भी भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आरोप लगाया कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को कई स्थानों पर समय से इलाज नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने एंबुलेंस जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सामने आने वाली शिकायतों का भी उल्लेख किया।
शिक्षा के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने बंद स्कूलों का मामला उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों की स्थिति देखने पहुंचे सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई।
सपा नेताओं को रोके जाने पर उठाए सवाल
सहारनपुर जा रहे सपा प्रतिनिधिमंडल, सांसदों और विधायकों को रोके जाने का मुद्दा भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठा। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक नेताओं की निगरानी और उन्हें रोकने में ज्यादा सक्रिय नजर आ रही है।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि कानून-व्यवस्था की वास्तविक चुनौतियों के बीच पुलिस की प्राथमिकता क्या होनी चाहिए।
पीडीए को लेकर अखिलेश यादव का दावा
पीडीए के संबंध में अखिलेश यादव ने कहा कि यह गठबंधन समाज के उन वर्गों को साथ लाने की कोशिश है, जिन्होंने किसी न किसी रूप में भेदभाव, पीड़ा या अपमान का सामना किया है।
उन्होंने दावा किया कि पीडीए एकजुट है और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के भीतर बेचैनी है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय के मुद्दे को आगे बढ़ाएगी।
बाढ़ और जलभराव को लेकर सरकार से जवाब मांगा
अखिलेश यादव ने प्रदेश के विभिन्न शहरों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज और कानपुर में जलभराव का जिक्र करते हुए कहा कि बड़े बजट के बावजूद कई जगह जलनिकासी की समस्या बनी हुई है।
उन्होंने वाराणसी में चल रहे विकास कार्यों, विरासत से जुड़े विषयों और अन्य शहरों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए।
भाईचारा बढ़ाने की राजनीति का दावा
सपा अध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी सभी धर्मों के सम्मान और समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ लोगों को जागरूक करने की बात कही।
अखिलेश यादव ने साधु-संतों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में सौहार्द बनाए रखना जरूरी है।
नोट: एक्सप्रेस-वे में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी, एआई के कथित दुरुपयोग, सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल और अन्य मुद्दों पर लगाए गए आरोप अखिलेश यादव के बयान हैं।


