लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पंचायत सहायकों के लिए राज्य सरकार ने कई अहम फैसलों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई बातचीत के बाद पंचायत सहायकों का मासिक मानदेय 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इससे प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को सीधा लाभ मिलेगा।

सरकार के फैसले के बाद पंचायत सहायकों के मानदेय में हर महीने 3 हजार रुपये की बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा सेवा सुरक्षा, कैशलेस इलाज, मातृत्व अवकाश और आंदोलन से जुड़े मामलों को लेकर भी कई फैसले किए गए हैं।

पंचायत सहायकों के लिए क्या-क्या हुआ फैसला?

1. मानदेय ₹6 हजार से बढ़कर ₹9 हजार

पंचायत सहायकों को अब हर महीने 9,000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। अभी तक उन्हें 6,000 रुपये प्रतिमाह मिलते थे।

2. 57 हजार से ज्यादा पंचायत सहायकों को फायदा

मानदेय बढ़ने से प्रदेश में कार्यरत 57 हजार से अधिक पंचायत सहायक लाभान्वित होंगे।

3. DBT के जरिए सीधे खाते में आएगा पैसा

सरकार बढ़ा हुआ मानदेय पंचायत सहायकों के बैंक खाते में सीधे भेजने की व्यवस्था करेगी। इसके लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) लागू करने की तैयारी है। इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी ली जाएगी।

4. मनमाने तरीके से सेवा से नहीं हटाया जा सकेगा

पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव अपने स्तर से किसी पंचायत सहायक को सेवा से हटाने का फैसला नहीं कर सकेंगे।

किसी पंचायत सहायक की सेवा समाप्त करने का फैसला जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी।

5. आंदोलन से जुड़े मुकदमे वापस लेने की घोषणा

धरने और आंदोलन के दौरान पंचायत सहायकों पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की भी बात कही गई है।

6. बर्खास्त सहायकों की दोबारा नियुक्ति

प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई के चलते जिन पंचायत सहायकों को सेवा से हटा दिया गया था, उन्हें दोबारा नियुक्त करने की बात सरकार की ओर से कही गई है।

7. महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश

महिला पंचायत सहायकों के लिए मातृत्व अवकाश की सुविधा लागू करने का फैसला भी किया गया है।

8. कैशलेस इलाज की सुविधा

पंचायत सहायकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का भी निर्णय बताया गया है।

ईको गार्डन में चल रहा था प्रदर्शन

पंचायत सहायक पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर लखनऊ के ईको गार्डन में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय बढ़ाना, नौकरी की सुरक्षा और अन्य सुविधाएं शामिल थीं।

प्रदर्शन कर रहे प्रतिनिधियों के साथ सरकार की बातचीत के बाद बुधवार को इन फैसलों की जानकारी सामने आई। मानदेय बढ़ने और सेवा सुरक्षा से जुड़े निर्णय के बाद पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से कदम उठाए जाने की बात कही गई है।

अब आगे क्या?

बढ़े हुए मानदेय को DBT के जरिए खाते में भेजने और अन्य व्यवस्थाओं को लागू करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। DBT व्यवस्था के लिए कैबिनेट की मंजूरी लिया जाना प्रस्तावित है।

इन फैसलों के लागू होने के बाद प्रदेश के हजारों पंचायत सहायकों के मानदेय के साथ-साथ उनकी सेवा से जुड़ी व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिलेगा।