गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि कभी पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस बड़ी चुनौती हुआ करता था, लेकिन अब इस बीमारी से होने वाली मौतों की समस्या काफी हद तक समाप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रदेश से माफिया का प्रभाव खत्म हुआ, उसी तरह इंसेफेलाइटिस पर भी प्रभावी नियंत्रण पाया गया है।
मुख्यमंत्री इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), गोरखपुर की ओर से संचालित चैरिटेबल ब्लड सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने चिकित्सकों से स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की अपील की।
‘अब माफिया नहीं, वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज पहचान’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करीब साढ़े नौ वर्ष पहले प्रदेश के कई जिलों की पहचान दुर्दांत माफिया से जुड़ी हुई थी। उनके मुताबिक उस समय डॉक्टरों के अपहरण, रंगदारी और धमकी जैसी घटनाएं सामने आती थीं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब चिकित्सक, व्यापारी और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब माफिया के बजाय ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य से बन रही है।
योगी के अनुसार प्रदेश में 75 जिलों के मुकाबले मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 85 हो चुकी है। इसके अलावा दो एम्स भी संचालित हैं।
गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ विस्तार
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले यह पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र था और यहां एक बेड पर कई मरीजों को भर्ती करने की स्थिति बन जाती थी।
उन्होंने कहा कि आज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं उपलब्ध हैं और यह इंसेफेलाइटिस समेत कई गंभीर बीमारियों के उपचार का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में एमबीबीएस की सीटें 4,600 से बढ़कर 13,500 से अधिक हो गई हैं। पीजी सीटों में भी वृद्धि हुई है। साथ ही नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।
जिला अस्पतालों में शुरू होंगी डायलिसिस यूनिट
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में 10-10 बेड की डायलिसिस यूनिट शुरू करने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार आईआईटी कानपुर के सहयोग से मेडटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एसजीपीजीआई लखनऊ में भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विकास पर काम चल रहा है।
‘खून बनाया नहीं जा सकता, स्वैच्छिक रक्तदान जरूरी’
चैरिटेबल ब्लड सेंटर के उद्घाटन के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक, दवाएं और अन्य चिकित्सा संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं, लेकिन खून का निर्माण नहीं किया जा सकता।
उन्होंने चिकित्सकों से लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने और सोशल मीडिया के जरिए रक्तदान को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय के चैरिटी मॉडल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों और समाज के सहयोग से अस्पताल ने समय के साथ अपनी सेवाओं का विस्तार किया है और ब्लड सेपरेटर, एफेरेसिस, डायलिसिस तथा आईसीयू जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
‘अब तक 9.5 लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी’
एक अन्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोजगार को लेकर सरकार के प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा से पहले अगले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक इसकी शुरुआत 19 सितंबर से होगी।
इस दौरान उन्होंने जंगल नकहा नंबर-2 में कल्याण मंडपम के लोकार्पण कार्यक्रम में करीब 40 करोड़ रुपये की 119 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
पेंशन और विकास योजनाओं का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 1.10 करोड़ वृद्धजनों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को सालाना 12 हजार रुपये की पेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में पेंशन की राशि और लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को देश की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ बताते हुए विकास की रफ्तार बनाए रखने पर जोर दिया।
वहीं, उन्होंने पिछली सरकारों पर गोरखपुर की बदहाली और बीमारियों के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया तथा लोगों से जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वाली राजनीति से सावधान रहने की अपील की।


