सिलीगुड़ी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में क्षेत्र की सुरक्षा, सीमा से जुड़े मुद्दों, जनसांख्यिकीय बदलाव और अवैध घुसपैठ की रोकथाम समेत कई अहम विषयों पर चर्चा हुई।
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सिलीगुड़ी कॉरिडोर की रणनीतिक अहमियत को देखते हुए इसकी सुरक्षा को और मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है। सरकार की ओर से कॉरिडोर को चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड के जरिए मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा पर विशेष फोकस
सिलीगुड़ी कॉरिडोर देश के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। इसी वजह से बैठक में कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से और मजबूत बनाना है। इसके लिए अलग-अलग स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था को आपस में जोड़कर प्रभावी निगरानी और त्वरित कार्रवाई की क्षमता विकसित की जा रही है।
अवैध घुसपैठ और अतिक्रमण रोकने पर जोर
बैठक में सीमा से जुड़े मामलों और क्षेत्र में होने वाले संभावित जनसांख्यिकीय बदलाव पर भी चर्चा हुई। सरकार का जोर सिलीगुड़ी कॉरिडोर को अतिक्रमण से मुक्त रखने और अवैध घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाने पर है।
अमित शाह ने कहा कि कॉरिडोर की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्य सरकार मजबूत करेगी सिविल डिफेंस और होम गार्ड व्यवस्था
सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में पश्चिम बंगाल सरकार भी अपनी भूमिका बढ़ाएगी। राज्य सरकार की ओर से क्षेत्र में सिविल डिफेंस और होम गार्ड्स की व्यवस्था को सुदृढ़ करने की बात कही गई है।
इससे स्थानीय स्तर पर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही किसी आपात स्थिति, प्राकृतिक आपदा या अन्य संकट के दौरान तत्काल प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है।
स्थानीय सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की तैयारी
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा केवल केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। स्थानीय प्रशासन, पुलिस, होम गार्ड और सिविल डिफेंस के बीच बेहतर तालमेल भी जरूरी है।
स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और किसी भी आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है सिलीगुड़ी कॉरिडोर
सिलीगुड़ी कॉरिडोर को देश के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गिना जाता है। ऐसे में इसकी सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय काफी अहम माना जाता है।
अमित शाह की समीक्षा बैठक में सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ, अतिक्रमण और जनसांख्यिकीय बदलाव जैसे विषयों को प्राथमिकता दिए जाने से संकेत मिलता है कि सरकार इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और व्यापक बनाने पर जोर दे रही है।
सरकार का लक्ष्य- मजबूत और सतर्क सुरक्षा व्यवस्था
बैठक के बाद सरकार की प्राथमिकता सिलीगुड़ी कॉरिडोर में सुरक्षा के विभिन्न स्तरों को मजबूत करने की है। केंद्र की चतुष्कोणीय सुरक्षा व्यवस्था के साथ राज्य स्तर पर सिविल डिफेंस और होम गार्ड्स की भूमिका बढ़ाने से स्थानीय सुरक्षा तंत्र को और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।
सरकार का कहना है कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर की संवेदनशीलता को देखते हुए यहां सुरक्षा, निगरानी और आपात प्रतिक्रिया व्यवस्था में किसी तरह की कमी नहीं रहने दी जाएगी।


