आर्यनगर, गोण्डा। ब्लॉक रुपईडीह के आर्यनगर बाजार स्थित प्रमुख चौराहे पर गोल चक्र (गोलंबर) बनवाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। चौराहे पर आए दिन लगने वाले जाम से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार शाम को जाम में एक एंबुलेंस के फंसने की घटना ने यातायात व्यवस्था की गंभीरता को उजागर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एंबुलेंस में मौजूद मरीज दर्द से तड़पता नजर आया, जबकि जाम के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ पा रहा था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चौराहे पर गोल चक्र का निर्माण कर यातायात को व्यवस्थित किया जाए तो जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। इसके बावजूद लंबे समय से उठ रही मांग पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
कई प्रमुख मार्गों का संगम, दिनभर रहता है वाहनों का दबाव
आर्यनगर चौराहा यातायात की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां गोण्डा-बहराइच मुख्य राजमार्ग के साथ करनैलगंज, लखनऊ, बलरामपुर और श्रावस्ती की ओर जाने वाले मार्ग जुड़ते हैं। इसी वजह से चौराहे पर दिनभर छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।
वाहनों का दबाव बढ़ने पर चौराहे पर अक्सर जाम लग जाता है। चारों दिशाओं से आने वाले वाहनों के एक साथ गुजरने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। इसका खामियाजा स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ता है।
जाम में फंसी एंबुलेंस, मरीज की हालत देखकर बढ़ी चिंता

गुरुवार शाम को आर्यनगर चौराहे पर लगे जाम में एक एंबुलेंस भी फंस गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एंबुलेंस में मौजूद मरीज तड़पता दिखाई दिया। इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया और आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता उपलब्ध कराने की जरूरत को फिर सामने ला दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी जाम के कारण लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। स्कूली बच्चों को घर पहुंचने में देरी होती है और जरूरी काम से निकलने वाले राहगीर भी परेशान होते हैं। ऐसे में एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा का जाम में फंसना बेहद चिंताजनक है।
धरना-प्रदर्शन के बाद भी नहीं निकला स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आर्यनगर चौराहे पर गोल चक्र बनवाने की मांग को लेकर पहले भी धरना-प्रदर्शन किया जा चुका है। उस दौरान जिले के उच्च अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया था। इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

लोगों का कहना है कि केवल पुलिस बल की तैनाती से रोजाना लगने वाले जाम का स्थायी समाधान संभव नहीं है। चौराहे की बनावट और यातायात के दबाव को देखते हुए तकनीकी सर्वे कराकर गोल चक्र या अन्य उपयुक्त यातायात व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है।
पुलिस करती है यातायात नियंत्रित करने का प्रयास
इस संबंध में कौड़िया थाना प्रभारी शशि कुमार राणा ने बताया कि चौराहे पर पुलिस बल तैनात रहता है। पुलिसकर्मी भीड़ को नियंत्रित कर यातायात सुचारु कराने का प्रयास करते हैं। जाम लगने की स्थिति में वाहनों को धीरे-धीरे निकलवाकर रास्ता बहाल कराया जाता है।
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
स्थानीय राजेश कुमार शुक्ला, अंकित शुक्ला, देवी हँस, पवन कुमार, रमेश कुमार और नीरज कुमार सहित अन्य लोगों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से आर्यनगर चौराहे पर गोल चक्र निर्माण की मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
लोगों का कहना है कि चौराहे पर स्थायी यातायात व्यवस्था विकसित होने से रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। साथ ही एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी बिना रुकावट रास्ता मिल सकेगा।
अब सवाल यह है कि पहले धरना-प्रदर्शन और अब एंबुलेंस के जाम में फंसने की घटना के बाद संबंधित विभाग कब तक इस समस्या का स्थायी समाधान निकालता है।
रिपोर्टः श्री प्रकाश शुक्ला (ब्लॉक संवाददाता, रूपईडीह)