Lucknow News: समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में रविवार को बिहार के समाजवादी नेता और सामाजिक न्याय आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा के शहादत दिवस पर कुशवाहा, शाक्य, मौर्य और सैनी समाज का सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने जगदेव प्रसाद कुशवाहा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने सामाजिक न्याय, संविधान और पीडीए की राजनीति को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत करने के लिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की एकजुटता आवश्यक है।

भाजपा पर सामाजिक न्याय विरोधी होने का आरोप

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति नकारात्मक है और विपक्ष को बदनाम करने के लिए तरह-तरह के आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए पीडीए की मजबूत भूमिका जरूरी है।

सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि पीडीए की एकजुटता को लेकर भाजपा में चिंता है और इसे कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक सनातन परंपरा किसी के साथ नफरत या अन्याय करने की अनुमति नहीं देती।

सत्ता में आए तो अशोक जयंती पर छुट्टी का ऐलान

सम्मेलन के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा।

उन्होंने लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट पर बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा की प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर स्मारक बनाने की बात भी कही।

अखिलेश यादव ने कहा कि जगदेव प्रसाद कुशवाहा ने वंचित और शोषित वर्गों के अधिकारों तथा सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

बौद्ध स्थलों के विकास का वादा

सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार बनने पर भगवान बुद्ध से जुड़े प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, सारनाथ और सोनभद्र समेत अन्य स्थलों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़कर देश और विदेश के पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की बात कही।

जातीय जनगणना की मांग दोहराई

अखिलेश यादव ने जातीय जनगणना को लेकर भी अपनी पार्टी का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि कुशवाहा, शाक्य, मौर्य और सैनी समेत विभिन्न सामाजिक समूहों की वास्तविक जनसंख्या का आंकड़ा सामने आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आबादी के अनुपात में लोगों को उनके अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने कहा कि इसे जारी रखा जाना चाहिए और इसके खिलाफ किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा।

सम्मेलन में कई सपा नेता रहे मौजूद

कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने की। सम्मेलन में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, सांसद बाबू सिंह कुशवाहा, नीरज मौर्य, देवेश शाक्य, विधायक ऊषा मौर्य, राम अवतार सैनी और पूर्व एमएलसी लीलावती कुशवाहा सहित कई सपा नेता, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।

सम्मेलन के माध्यम से सपा ने सामाजिक न्याय और पीडीए की एकजुटता के मुद्दे को आगामी राजनीतिक संघर्ष से जोड़ते हुए पिछड़े वर्गों के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का संदेश दिया।