Lucknow News: अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से “इंटरनेशनल डे ऑफ क्लीन एयर फॉर ब्लू स्काइज” मनाया गया। इस अवसर पर देश में वायु प्रदूषण कम करने और लोगों को स्वच्छ हवा के प्रति जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई।
कार्यक्रम में वायु गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों और स्थानीय निकायों को भी सम्मानित किया गया।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ ने हासिल किया पहला स्थान
सिटी लेवल स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में लखनऊ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट परफॉर्मिंग सिटीज की श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि राजधानी में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और हवा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए किए गए प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
लखनऊ का देश में शीर्ष स्थान हासिल करना शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को नई पहचान देता है।
130 में से 108 शहरों में PM10 स्तर घटा
पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में शामिल 130 शहरों में से 108 शहरों ने वायु गुणवत्ता सुधार के मामले में सकारात्मक परिणाम दर्ज किए हैं।
वर्ष 2017-18 की तुलना में वर्ष 2025-26 के दौरान इन शहरों में PM10 के स्तर में कमी देखी गई है। सरकार का मानना है कि यह बदलाव विभिन्न स्तरों पर लागू की गई प्रदूषण नियंत्रण योजनाओं और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों का परिणाम है।
शहरों को स्थानीय स्तर पर रणनीति बनाने का अवसर
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत शहरों को अपनी स्थानीय परिस्थितियों और प्रदूषण के स्रोतों के अनुसार कार्ययोजना तैयार करने का ढांचा दिया गया है।
इसके अंतर्गत धूल, वाहनों, औद्योगिक गतिविधियों और अन्य प्रदूषण स्रोतों की पहचान कर स्थानीय स्तर पर प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया जाता है। शहरों को निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक रणनीति अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सफल मॉडलों को दूसरे शहरों में भी अपनाने की तैयारी
कार्यक्रम के दौरान वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न शहरों और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों द्वारा अपनाए गए प्रभावी उपायों का संकलन भी जारी किया गया।
इसका उद्देश्य उन सफल प्रयासों को दूसरे शहरों तक पहुंचाना है, जिनसे वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। बेहतर प्रबंधन और सफल मॉडलों को साझा कर देशभर में स्वच्छ हवा की दिशा में अभियान को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
स्वच्छ हवा के लिए जनभागीदारी भी जरूरी
अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस के मौके पर यह संदेश दिया गया कि वायु प्रदूषण से निपटना केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए स्थानीय निकायों, संस्थाओं, उद्योगों और आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, खुले में कचरा जलाने से बचने, पौधरोपण और निर्माण कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण जैसे छोटे प्रयास भी वायु प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
लखनऊ का स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देश में पहला स्थान हासिल करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और अन्य शहरों के लिए भी बेहतर वायु गुणवत्ता की दिशा में प्रेरक उदाहरण बन सकता है।


