Lucknow News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करना जरूरी है, जो आधुनिक तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम होने के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारियों से भी जुड़ी रहे। उन्होंने कहा कि युवाओं की सोच वैश्विक होनी चाहिए, लेकिन उनके व्यवहार और मूल्यों में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना सर्वोपरि हो।
मुख्यमंत्री सोमवार को आंध्र प्रदेश के वेंकटचलम में आयोजित स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ।
गांवों की अर्थव्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की जरूरत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की वास्तविक ताकत हमेशा उसके गांवों में रही है। कृषि, पशुपालन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाया था। हालांकि विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक शासन के दौर में इस व्यवस्था को नुकसान पहुंचा, लेकिन भारत के गांवों की मूल शक्ति आज भी बरकरार है।
उन्होंने कहा कि अब जरूरत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और नई संभावनाओं से जोड़ने की है। इससे गांवों में रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर पैदा होंगे।
शिक्षा से बच्चों को मुख्यधारा में लाने पर जोर
सीएम योगी ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट द्वारा संचालित रेजिडेंशियल ब्रिज स्कूलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास उन बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, जो किसी कारणवश शिक्षा की मुख्यधारा से दूर हो गए हैं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आवास और भोजन की सुविधा देकर जरूरतमंद बच्चों को बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सकता है। देश की प्रगति के लिए हर बच्चे को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना आवश्यक है।
वेंकैया नायडू को बताया सांस्कृतिक सेतु
मुख्यमंत्री ने पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सेतु बताया। उन्होंने कहा कि नायडू ने सार्वजनिक जीवन में अपनी सरलता और सहजता के माध्यम से अलग पहचान बनाई है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति की विविधता को जोड़ने और अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं को देशभर तक पहुंचाने में ऐसे व्यक्तित्वों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
ग्राम स्वराज की सोच से शुरू हुआ स्वर्ण भारत ट्रस्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की अवधारणा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष 2001 में स्वर्ण भारत ट्रस्ट की स्थापना की गई थी। ट्रस्ट आज शिक्षा, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, किसान प्रशिक्षण, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की सुविधाएं पहुंचाने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ सामाजिक संस्थाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
ODOP मॉडल से स्थानीय हुनर को मिली नई पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) मॉडल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हर जिले की अपनी अलग पहचान, परंपरा और हुनर है। सरकार ने स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़ने का प्रयास किया है।
उनके अनुसार तकनीक और बेहतर मार्केटिंग के माध्यम से स्थानीय उत्पाद अब राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहे हैं। इससे कारीगरों, उद्यमियों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।
विकसित भारत के लिए संस्कार और आधुनिकता दोनों जरूरी
मुख्यमंत्री के संबोधन का मुख्य संदेश नई पीढ़ी को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो तकनीकी रूप से सक्षम, कौशलयुक्त और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले हों, लेकिन साथ ही अपनी संस्कृति और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी को भी समझें।
उन्होंने कहा कि आधुनिकता और संस्कारों का संतुलन, वैश्विक सोच और राष्ट्रहित की भावना ही आने वाले भारत की मजबूत नींव बनेगी।


