गोंडा में पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने देश को नशामुक्त बनाने के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री बिना पूरी तैयारी और तथ्यों के कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं करते। कैसरगंज के पूर्व सांसद के मुताबिक, यदि अमित शाह ने व्यसन से पीड़ित नागरिकों को मुख्यधारा में वापस लाने की बात कही है, तो इसके पीछे निश्चित रूप से एक सुदृढ़ कार्ययोजना मौजूद है।
अमित शाह के फैसलों और उपलब्धियों का जिक्र
बृजभूषण शरण सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री को एक दृढ़निश्चयी और गंभीर राजनेता बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पूर्व में भी कई साहसिक लक्ष्य तय करके उन्हें पूरा किया है। उन्होंने इसके प्रमाण स्वरूप निम्नलिखित निर्णयों का उल्लेख किया:
- जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाना
- देशभर में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी और निर्णायक मुहिम चलाना
इलाज और पुनर्वास पर जोर देने की आवश्यकता
पूर्व सांसद ने चिंता जताते हुए कहा कि नशा आज के समय में समाज के लिए एक विकराल रूप ले चुका है, जिससे बड़ी संख्या में युवा और अन्य लोग प्रभावित हो रहे हैं। इसका प्रतिकूल असर उनके पारिवारिक और सामाजिक माहौल पर भी पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संकट से निपटने के लिए सिर्फ दंडात्मक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को उपचार और पुनर्वास की सुविधा देकर दोबारा सामान्य जीवन में लाना होगा।
प्रशासन और समाज के सहयोग से मिलेगी सफलता
बृजभूषण शरण सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार नशा विरोधी अभियान को पूरी रणनीति के साथ आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत का सपना केवल सरकारी तंत्र के बल पर पूरा नहीं हो सकता, इसके लिए स्थानीय प्रशासन, नागरिक समाज, परिवारों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।
निष्कर्षतः, पूर्व सांसद ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार के इस प्रभावी प्रयास से नशे के शिकार लोगों को सामाजिक जीवन में लौटने का एक नया अवसर प्राप्त होगा।


