बुलंदशहर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 11 सितंबर को प्रस्तावित बुलंदशहर दौरा रद्द हो गया है। सपा ने दौरा रद्द होने के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी के जिलाध्यक्ष मतलूब अली का आरोप है कि प्रशासन ने पहले निजी हेलीपैड के इस्तेमाल की अनुमति दी थी, लेकिन कार्यक्रम से ठीक पहले अनुमति देने से इनकार कर दिया गया।
दौरा रद्द होने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर हेलीपैड की तस्वीर साझा करते हुए प्रशासन और प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि हेलीपैड पर दूर-दूर तक पानी नहीं था और जलभराव का हवाला देकर कार्यक्रम रोकने की कोशिश की गई।
दो सार्वजनिक स्थानों पर नहीं मिली अनुमति
सपा के मुताबिक, बुलंदशहर में PDA सम्मेलन आयोजित करने के लिए पार्टी ने पहले दो सार्वजनिक स्थानों के लिए अनुमति मांगी थी। पार्टी का दावा है कि दोनों स्थानों पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई।
इसके बाद सपा ने एक निजी मैरिज होम में सम्मेलन कराने का फैसला किया। कार्यक्रम की योजना के तहत अखिलेश यादव को हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन पहुंचना था और वहां से सड़क मार्ग से मैरिज होम जाकर कार्यक्रम में शामिल होना था।
हेलीपैड पर जलभराव का हवाला
सपा जिलाध्यक्ष मतलूब अली के अनुसार, निजी हेलीपैड के इस्तेमाल की अनुमति पहले मिल गई थी। हालांकि, कार्यक्रम से ठीक पहले प्रशासन की ओर से अनुमति देने से इनकार कर दिया गया।
सपा का कहना है कि अनुमति रोकने के पीछे हेलीपैड पर जलभराव का कारण बताया गया। इसके बाद अखिलेश यादव का बुलंदशहर दौरा रद्द करना पड़ा।
तस्वीर साझा कर अखिलेश ने साधा निशाना
दौरा रद्द होने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर हेलीपैड की तस्वीर साझा की। उन्होंने दावा किया कि तस्वीर में हेलीपैड पर कहीं भी पानी नजर नहीं आ रहा है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर प्रशासन कार्यक्रम रोकने के लिए अलग-अलग कारण तलाश रहा है। उन्होंने हेलीपैड की स्थिति को लेकर सीमेंट, गारा और पेवर ब्लॉक्स जैसी चीजों का भी उल्लेख किया।
निष्पक्ष जांच की मांग
अखिलेश यादव ने मांग की कि सपा पदाधिकारियों की मौजूदगी में निष्पक्ष विशेषज्ञों की टीम हेलीपैड की स्थिति की जांच करे। उनका कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट होना चाहिए कि हेलीपैड वास्तव में हेलीकॉप्टर उतारने के लिए अनुपयुक्त था या नहीं।
उन्होंने यह आशंका भी जताई कि यदि वह सड़क मार्ग से बुलंदशहर जाने का प्रयास करते हैं तो एक्सप्रेसवे या हाईवे की स्थिति को लेकर कोई दूसरा कारण सामने लाया जा सकता है।
'विपक्ष के कार्यक्रम में ही मौसम क्यों खराब होता है?'
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रशासन पर तंज भी कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि मौसम और हेलीपैड से जुड़ी समस्याएं विपक्ष के कार्यक्रमों के दौरान ही क्यों सामने आती हैं।
दौरा रद्द होने के बाद अखिलेश यादव के आरोपों से बुलंदशहर की सियासत गरमा गई है। अब पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से आने वाले आधिकारिक स्पष्टीकरण पर नजर है।
नोट: प्रशासन पर लगाए गए आरोप समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की ओर से किए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।


