लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय के डॉ. राम मनोहर लोहिया सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भाजपा के आंवला से पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप समेत विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी नेताओं का स्वागत करते हुए उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।

सपा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, धर्मेंद्र कश्यप की पुत्री कीर्ति कश्यप, बदायूं के आलापुर के चेयरमैन फहीमुद्दीन, आंवला से बसपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सैयद आबिद अली, श्रावस्ती के भाजपा नेता देव प्रताप सिंह और तेज प्रताप सिंह भी सपा में शामिल हुए। इसके अलावा करनैलगंज विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रंजीत गिरी गोस्वामी, बहराइच के बसपा नेता संतोष तिवारी, बहराइच भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष, पंकज कुमार वर्मा सोनी, उन्नाव के सर्वेश कुमार वर्मा, भारतीय साहू-राठौर सभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुज कुमार साहू, बरेली के डॉ. विनोद विश्वकर्मा, उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर वाल्मीकि, सूरजपाल वाल्मीकि, विजय चौहान और गुरुप्रसाद सहित कई लोगों ने पार्टी की सदस्यता ली।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रधान, पूर्व प्रधान, बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और अन्य प्रभावशाली लोगों के भी सपा में शामिल होने का दावा किया गया।

धर्मेंद्र कश्यप बोले—पिछड़े और दलितों को न्याय नहीं मिल रहा

सपा में शामिल होने के बाद पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पिछड़े और दलित समाज के लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने कश्यप समाज के लोगों की हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने में सरकार विफल रही है।

धर्मेंद्र कश्यप ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर कार्रवाई में भेदभाव का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि आरोपियों की जाति के आधार पर कार्रवाई का तरीका बदल जाता है। उन्होंने कहा कि वह प्रदेशभर में मछुआ समुदाय के बीच जाकर समाजवादी पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगे।

अखिलेश यादव बोले—पीडीए की लड़ाई होगी और मजबूत

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी में शामिल हुए सभी नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दलों में रहकर चुनावी मुकाबला करने वाले कई नेता अब पीडीए के साझा मंच पर एक साथ आए हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के जुड़ने से सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती मिलेगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि धर्मेंद्र कश्यप के समाजवादी पार्टी में आने से बरेली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूरे प्रदेश में पीडीए की राजनीति को मजबूती मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि जिस दिन विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित होगी, उसी दिन भाजपा चुनाव हार जाएगी।

सपा प्रमुख ने सामाजिक न्याय और पीडीए की एकजुटता को आगामी विधानसभा चुनाव की प्रमुख राजनीतिक ताकत के रूप में पेश किया।

शिवपाल यादव ने 2027 में बदलाव का किया दावा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होना तय है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के सभी वर्गों के लोगों को अखिलेश यादव के नेतृत्व से उम्मीद है।

शिवपाल यादव ने भाजपा सरकार पर अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बजट के इस्तेमाल की जांच समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर कराई जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं से एकजुट होकर भाजपा को हराने तथा सपा की सरकार बनाने के लिए काम करने की अपील की।

नीरज मौर्य ने भी किया स्वागत

आंवला के सांसद नीरज मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में परिवर्तन की बयार चल रही है। उन्होंने सपा में शामिल होने वाले नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि सभी मिलकर संगठन को मजबूत करेंगे और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए काम करेंगे। उनके अनुसार, प्रदेश में सामाजिक न्याय की स्थापना समाजवादी पार्टी की सरकार में ही संभव है।

कार्यक्रम में सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल, पूर्व सांसद विशंभर प्रसाद निषाद समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।