लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनाव में हेराफेरी, धांधली और प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए दावा किया कि जिस दिन विधानसभा चुनाव की घोषणा होगी, उसी दिन भाजपा की हार तय हो जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का आगामी विधानसभा चुनाव लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई है। पीड़ित, दुखी, अपमानित और पीडीए समाज के लोग जब एकजुट हो जाएंगे, तब भाजपा का सफाया हो जाएगा।
मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए साजिश और षड्यंत्र कर रही है। उनके मुताबिक, वोटर लिस्ट से नाम काटने और एसएसआर की प्रक्रिया के बहाने विपक्षी समर्थकों को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव को राजनीतिक मुकाबले के बजाय मैनेजमेंट और आर्थिक ताकत के इस्तेमाल से जीतने की कोशिश कर रही है।
भाजपा पर चुनावी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव के दौरान सरकार और प्रशासन के संसाधनों के साथ बड़ी कंपनियों तथा आर्थिक संस्थाओं की ताकत का भी इस्तेमाल करती है। उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल को प्रभावित करने में मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं। उन्होंने कुछ कैमरों और मीडिया संस्थानों पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार रंगों तक को राजनीतिक नजरिये से दिखाया जाता है।
सपा प्रमुख ने लोगों को कथित तौर पर भाजपा समर्थित प्रीपेड राजनीतिक दलों से सावधान रहने की सलाह भी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे दल स्वतंत्र रूप से काम नहीं करते, बल्कि किसी दूसरे के इशारे पर चलते हैं।
मतदाता सूची को आधार से जोड़ने की मांग
विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान बैलेट बॉक्स में बिना फोल्ड किए और खुले बैलेट मिले। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति प्रशासन की मदद के बिना संभव नहीं है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

अखिलेश यादव ने मतदाता सूची को आधार कार्ड से जोड़ने और बायोमेट्रिक तकनीक के जरिए मतदान कराने का सुझाव दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सार्वजनिक वितरण प्रणाली और शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक मशीनों का इस्तेमाल किया जा सकता है, तो मतदान प्रक्रिया में तकनीक का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर भाजपा समर्थकों के लिए अधिक मतदान मशीनें लगाई जाती हैं, जबकि समाजवादी पार्टी समर्थकों वाले क्षेत्रों में मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सपा प्रमुख ने कहा कि मतदाता सूची और मतदान व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पुलिस व्यवस्था, महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में पुलिस व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने हिरासत में मौतों, भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि प्रदेश में कई अधिकारी निष्पक्ष प्रशासनिक भूमिका निभाने के बजाय भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं।
उन्होंने शिक्षा के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि स्कूल बंद होने से पीडीए समाज के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ डेटा प्रोटेक्शन की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे रही है।
गन्ना किसानों के 162 करोड़ रुपये बकाये का मुद्दा उठाया

बहेड़ी की चीनी मिल और किसानों के बकाये का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि किसानों का 162 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने वादा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर 24 घंटे के भीतर किसानों के बकाये का भुगतान कराया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि गन्ना किसान अपने उचित मूल्य की मांग करते हैं तो उन्हें परेशान किया जाता है, जबकि एथेनॉल कारोबार से मुनाफा कमाया जा रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार किसान और नौजवान विरोधी है तथा युवाओं को रोजगार और आरक्षण के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं।
निवेश और बिजली उत्पादन को लेकर भी सवाल
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश और उद्योग लगाने को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन सरकार को बताना चाहिए कि वास्तव में कितना निवेश आया और कितने नए कारखाने स्थापित हुए। उन्होंने बिजली उत्पादन के लिए नए कारखानों की स्थापना को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों को विफल बताते हुए चीन के साथ व्यापार और सीमा पर कथित घुसपैठ का मुद्दा उठाया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार इन सवालों पर स्पष्ट रुख अपनाने से बच रही है। ये आरोप सपा प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए।
कई वरिष्ठ सपा नेता रहे मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा, राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल, सांसद नीरज मौर्य, पूर्व सांसद विशंभर प्रसाद निषाद, वीरपाल यादव, पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप, विधायक अताउर्रहमान, विधायक सहजिल इस्लाम और पूर्व विधायक बब्बू खां सहित कई नेता मौजूद रहे।