गोंडा/लखनऊ। बहुचर्चित राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोपित पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में केस दर्ज किया है। इससे पहले विजिलेंस की ओर से आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
ED अब मामले में कथित अवैध धन के स्रोत, उसके लेनदेन और इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच करेगा। जांच का दायरा पूर्व विधायक से जुड़े बैंक खातों और उनसे जुड़ी कंपनियों के वित्तीय लेनदेन तक पहुंच सकता है।
10 जून को वेब मॉल से हुई थी गिरफ्तारी
विजिलेंस ने पूर्व विधायक को 10 जून को लखनऊ के वेब मॉल से आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था।
जांच के मुताबिक, निर्धारित अवधि में उनकी वैध आय करीब 1.12 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जबकि संपत्तियों की खरीद और उनके रखरखाव समेत अन्य मदों में करीब 1.80 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का मामला सामने आया।
विजिलेंस की जांच में इस तरह आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में करीब 67.30 लाख रुपये अधिक खर्च किए जाने की बात सामने आई थी।
NRHM घोटाले से कई जिलों का कनेक्शन
पूर्व विधायक के खिलाफ चल रही जांच का संबंध NRHM घोटाले से जुड़े मामलों से भी बताया जा रहा है। श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा और बहराइच में स्वास्थ्य योजनाओं के तहत कराए गए कार्यों और खरीद में कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि कहीं ऐसे कार्यों के लिए भी भुगतान तो नहीं किया गया, जो मौके पर पूरे नहीं हुए थे या आंशिक रूप से हुए थे। इसके अलावा सामान और दवाओं की खरीद में निर्धारित दरों से अधिक भुगतान तथा आपूर्ति से जुड़ी कथित अनियमितताओं की भी जांच का हिस्सा हैं।
विजिलेंस से रिपोर्ट लेकर ED ने शुरू की कार्रवाई
बताया गया है कि ED ने पिछले दिनों विजिलेंस से मामले में अब तक हुई जांच की रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अब ED ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला दर्ज किया है।
ED की जांच में यह देखा जाएगा कि कथित तौर पर अर्जित धन कहां से आया, किन माध्यमों से उसका लेनदेन हुआ और उसका इस्तेमाल किन संपत्तियों या गतिविधियों में किया गया।
बैंक खातों और कंपनियों के लेनदेन की होगी जांच
जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि पूर्व विधायक और उनके करीबियों ने विभिन्न कंपनियों के माध्यम से कथित तौर पर धन का लेनदेन किया था। अब ED इन वित्तीय लेनदेन की जांच कर सकती है।
इसके तहत पूर्व विधायक के व्यक्तिगत बैंक खातों के साथ उनसे जुड़ी कंपनियों के बैंक खातों की भी पड़ताल की जाएगी। एजेंसी कथित धन के स्रोत और उसके अंतिम इस्तेमाल का पता लगाने की कोशिश करेगी।
फिलहाल मामले में जांच जारी है। पूर्व विधायक के खिलाफ लगाए गए आरोपों और जांच एजेंसियों के निष्कर्षों पर अंतिम स्थिति संबंधित न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।


