लखनऊ/सैफई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगरा-अलीगढ़ स्नातक खंड विधान परिषद चुनाव में सैफई में मतदान करने के बाद भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव में हार के डर से फर्जी मतदान और धांधली का सहारा लेने की कोशिश कर रही है। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की।

23 अक्टूबर 2026 को जारी समाजवादी पार्टी के बयान के अनुसार, मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में सीमित मतदाता हिस्सा लेते हैं, लेकिन भाजपा यहां भी हार की आशंका से घबराई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के मतदाताओं को मतदान से रोकने के लिए भाजपा के लोगों और अधिकारियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

फर्जी मतदान के प्रयास का आरोप, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से उन्हें फर्जी मतदान और समाजवादी पार्टी के मतदाताओं को रोकने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर प्रशासन के अधिकारी मूकदर्शक बने रहे और चुनाव आयोग ने भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को वोट चोरी सिखाने के लिए एक विश्वविद्यालय खोल देना चाहिए और अपने कार्यकर्ताओं के लिए तीन साल का पाठ्यक्रम चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव में कथित धांधली लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

हालांकि, फर्जी मतदान और मतदाताओं को रोकने से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध बयान में नहीं की गई है। भाजपा और संबंधित चुनाव अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का दावा

सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी वर्ष 2022 से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के मुद्दे उठाती रही है। उन्होंने भाजपा पर चुनाव आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी संविधान और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रही है। उनके मुताबिक, निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं और प्रत्येक मतदाता को बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर मिलना चाहिए।

शिक्षक, नौजवान और किसानों के मुद्दों पर भी घेरा

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षकों और युवाओं के लिए पर्याप्त काम नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और किसानों की समस्याओं को लेकर जनता में नाराजगी है।

उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों, स्वास्थ्य सेवाओं, एंबुलेंस व्यवस्था, सरकारी स्कूलों, खाद की उपलब्धता और पुलिस व्यवस्था को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और अन्याय बढ़ा है तथा किसानों को खाद उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सपा प्रमुख ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और व्यापार व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि सरकार की नीतियों का असर किसानों और आम जनता पर पड़ रहा है।

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर किया बड़ा दावा

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयार है और इंडिया गठबंधन भाजपा को चुनौती देगा। उन्होंने दावा किया कि जनता महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अधूरे वादों को लेकर भाजपा से सवाल कर रही है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को सत्ता से बाहर करने का फैसला करेगी। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जनता से किए वादों को पूरा नहीं किया और अब उसे लोगों के सवालों का सामना करना पड़ रहा है।

समाजवादी पार्टी की ओर से जारी इस बयान में अखिलेश यादव ने विधान परिषद चुनाव में कथित अनियमितताओं से लेकर महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार तक कई मुद्दों पर भाजपा को घेरा। उनके आरोपों पर भाजपा और चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद पूरे मामले की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।