कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कानपुर नगर के स्वरूप नगर स्थित राजकीय बाल गृह (बालिका), यूनिट-1 का भ्रमण कर वहां रह रही बालिकाओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बालिकाओं की समस्याओं, आवश्यकताओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने बालिकाओं से उनकी पढ़ाई, दैनिक दिनचर्या, रुचियों और सीख रही गतिविधियों के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें और जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।

स्वच्छता और पेयजल की समस्याओं पर दिए निर्देश

संवाद के दौरान बालिकाओं ने स्वच्छता, आरओ के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और अन्य समस्याओं से राज्यपाल को अवगत कराया। इस पर राज्यपाल ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के निराकरण और आवश्यक व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।

उन्होंने बालिकाओं से भोजन, आवास, स्वास्थ्य सुविधाओं और दैनिक व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की, ताकि उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

ब्यूटी पार्लर और जूडो-कराटे प्रशिक्षण की मांग

बालिकाओं ने अपने कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए ब्यूटी पार्लर, जूडो-कराटे तथा अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। राज्यपाल ने उनकी रुचियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बालिकाओं को नियमित स्कूली शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ उनके कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। बाल गृह में ऐसी रचनात्मक और प्रेरणादायी गतिविधियां संचालित की जाएं, जिनसे बालिकाओं की प्रतिभा निखरे और उनका आत्मविश्वास बढ़े।

जन भवन और वाटर पार्क भ्रमण की इच्छा पर दिए निर्देश

संवाद के दौरान बालिकाओं ने जन भवन और वाटर पार्क का भ्रमण करने की इच्छा व्यक्त की। इस पर राज्यपाल ने संबंधित अधिकारियों को उनके भ्रमण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने बालिकाओं को जन भवन में संचालित सकारात्मक एवं प्रेरणादायी गतिविधियों से परिचित कराने को भी कहा।

इस अवसर पर राज्यपाल ने बालिकाओं को उपहार भेंट किए और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बालिकाओं को अनुशासन में रहने, अच्छे संस्कार अपनाने, मन लगाकर पढ़ाई करने और निरंतर नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित किया।

रसोईघर, आवासीय और चिकित्सा कक्ष का किया निरीक्षण

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बाल गृह के रसोईघर, आवासीय कक्षों और चिकित्सा कक्ष सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बालिकाओं के भोजन, रहने की व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यकताओं के संबंध में फीडबैक लिया।

बाल गृह में हुए सकारात्मक बदलावों की सराहना करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास पर निरंतर ध्यान दिया जाए।

राज्यपाल के इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बाल गृह में रह रही बालिकाओं की आवश्यकताओं को समझना, उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना तथा उन्हें शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और बेहतर अवसरों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।