गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा में शादी के दौरान दहेज की मांग को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि थार गाड़ी नहीं मिलने पर दूल्हे ने बारात लाने से इनकार कर दिया। उधर, दुल्हन शादी के जोड़े में तैयार होकर बारात का इंतजार करती रही। काफी देर तक इंतजार और समझाने-बुझाने के बावजूद बात नहीं बनी तो परिवार में मातम जैसा माहौल हो गया। दुल्हन की मां के मुताबिक, बेटी सदमे में रोते-रोते कई बार बेहोश हो गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

एक साल पहले तय हुआ था निकाह

कटारिया मोहल्ले के रहने वाले मिर्जा अजमल बेग पेशे से ड्राइवर हैं। उनके परिवार में पत्नी नाजो खातून, बेटी नौशबा मिर्जा बेग और एक बेटा है। परिवार ने करीब एक साल पहले नौशबा का निकाह गोरखपुर निवासी मोहम्मद असलम के बेटे मोहम्मद सलमान से तय किया था। सलमान तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा है और फिलहाल विदेश में रहकर पढ़ाई कर रहा है।

परिवार के मुताबिक, निकाह के लिए 26 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी। इसके लिए शहर में एक मैरिज पैलेस बुक कराया गया था। घर में शादी की तैयारियां पूरी थीं और दुल्हन मेहंदी लगाकर दूल्हे के आने का इंतजार कर रही थी। रिश्तेदार भी समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।

बारात का इंतजार करते रहे दुल्हन पक्ष के लोग

तय समय बीतने के बाद भी जब बारात नहीं पहुंची तो दुल्हन पक्ष ने दूल्हे के परिवार से फोन पर संपर्क किया। आरोप है कि काफी देर तक बारात निकलने की बात कहकर उन्हें इंतजार कराया जाता रहा, लेकिन बारात नहीं आई।

दुल्हन की मां नाजो खातून का आरोप है कि दूल्हे और उसके परिवार की ओर से आखिरकार थार गाड़ी की मांग रखी गई। मांग पूरी नहीं होने पर निकाह करने से इनकार कर दिया गया। परिवार के बुजुर्गों ने हाथ जोड़कर समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।

मां बोलीं- पहले कहा था, कुछ नहीं चाहिए

नाजो खातून के मुताबिक, रिश्ता तय होने के बाद सलमान अक्सर उनके घर आता-जाता था और कई-कई दिन वहीं रुकता था। उन्होंने बताया कि शुरुआत में दूल्हे और उसके परिवार ने कहा था कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए और निकाह सादगी से कर दिया जाए।

मां का कहना है कि परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार दहेज में बाइक देने की बात कही थी, जिस पर उस समय सहमति बन गई थी। लेकिन शादी के दिन थार की मांग सामने आने से पूरा परिवार परेशान हो गया।

शादी की तैयारियां बेकार, दुल्हन अस्पताल में भर्ती

परिवार के अनुसार, निकाह के लिए भोजन, बैंड-बाजा और मैरिज पैलेस समेत तमाम इंतजाम किए गए थे। बारात नहीं आने और शादी से इनकार किए जाने के बाद सारी तैयारियां बेकार हो गईं।

दुल्हन की मां ने बताया कि बेटी इस घटना से गहरे सदमे में आ गई और रोते-रोते कई बार बेहोश हुई। तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

फिलहाल, दूल्हे पक्ष का बयान और मामले में पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी सामने नहीं आई है। दहेज की मांग और निकाह से इनकार किए जाने से जुड़े आरोप दुल्हन पक्ष के बयान पर आधारित हैं।

रिपोर्ट- आदर्श पाण्डेय ( ब्लॉक संवाददाता झंझरी )