मध्य प्रदेश के खंडवा में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं को लेकर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर एक व्यक्ति को कुत्ते का मुखौटा पहनाकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आवारा कुत्तों की समस्या और नगर निगम के बधियाकरण अभियान में कथित अनियमितताओं को लेकर अधिकारियों को शिकायत सौंपी।
कुत्ते का मुखौटा पहनाकर जताया विरोध
जनसुनवाई में कुत्ते का मुखौटा पहने व्यक्ति को देखकर लोगों का ध्यान उसकी ओर आकर्षित हो गया। नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर ने इस अनोखे प्रदर्शन के जरिए शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को अधिकारियों के सामने रखा। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे डॉग बाइट के कारण शहर के लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल है।
बधियाकरण में भ्रष्टाचार का आरोप
राठौर ने एडीएम के.आर. बड़ोले और नगर निगम अधिकारी संजय शुक्ला को शिकायती आवेदन सौंपते हुए आरोप लगाया कि कुत्तों के बधियाकरण के नाम पर ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर लाखों रुपये की राशि खर्च की गई, लेकिन इसका अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहा है। उनका दावा है कि यदि बधियाकरण का काम प्रभावी तरीके से किया गया होता तो आवारा कुत्तों की संख्या में कमी आनी चाहिए थी। इसके विपरीत शहर में कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है और लोगों के काटे जाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चार साल में 13,400 लोगों के कुत्ते काटने का दावा
राठौर के अनुसार, पिछले चार वर्षों में जिले में करीब 13,400 लोग डॉग बाइट का शिकार हुए हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं से शहरी क्षेत्रों में लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। बच्चों को स्कूल भेजने और बुजुर्गों के घर से बाहर निकलने को लेकर भी परिवारों में डर का माहौल बताया जा रहा है।
जांच और कार्रवाई की मांग
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष ने बधियाकरण अभियान में हुए खर्च और काम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कथित लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है।


