लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की विचारधारा और सामाजिक न्याय की लड़ाई में कोई बदलाव नहीं आया है। पार्टी का लक्ष्य समाजवादी विचारधारा और PDA आंदोलन के जरिए सामाजिक न्याय की व्यवस्था स्थापित करना है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ PDA को लेकर चिंतित हैं और इसी वजह से उसकी अलग-अलग व्याख्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए PDA का अर्थ प्रेम, दया और अपनापन है और समाज के पीड़ित एवं वंचित लोगों को साथ लेकर चलना ही समाजवादी पार्टी की प्राथमिकता है।
‘PDA से घबराई भाजपा’, अखिलेश यादव का तंज
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के PDA को लेकर दिए गए बयानों पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा इस मुद्दे से परेशान है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का PDA उन सभी लोगों के साथ खड़ा है जो किसी भी तरह से पीड़ित हैं।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों को प्रेम, दया और अपनापन के साथ जोड़ने की अपील की। अखिलेश ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने से समाजवादी पार्टी और मजबूत होगी तथा आने वाले समय में पार्टी की सरकार बनने का रास्ता तैयार होगा।
मुख्यमंत्री के बच्चों के साथ हालिया संवाद और सेल्फी को लेकर भी अखिलेश यादव ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद मुख्यमंत्री के पास बच्चों के साथ समय बिताने के लिए काफी समय होगा।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब हुई है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार के दौरान प्राथमिक स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ उन्हें बेहतर बनाने की दिशा में काम किया गया था। उनके मुताबिक, पिछली सरकार में अभिनव स्कूल की योजना शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के स्तर से बेहतर सुविधाएं देना था।
अखिलेश ने कहा कि सरकारी स्कूलों में मुख्य रूप से गरीब, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और वंचित परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। इसलिए इन स्कूलों को मजबूत करना सामाजिक न्याय से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।
उन्होंने दावा किया कि समाजवादी सरकार के समय बच्चों को गर्म भोजन, दूध और फल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी। लखनऊ में एक किचन से बड़ी संख्या में बच्चों तक गर्म भोजन पहुंचाए जाने का भी उन्होंने जिक्र किया।
अखिलेश ने कहा कि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बच्चों की पढ़ाई के साथ पौष्टिक भोजन की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
‘समाजवादी पार्टी गठबंधन नहीं तोड़ती’
गठबंधन के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने सहयोगियों का साथ निभाने में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि पार्टी जब किसी के साथ आती है तो गठबंधन को ईमानदारी से आगे बढ़ाती है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सरकार भाजपा की है और राजनीतिक लड़ाई भी भाजपा से है। इसलिए जो राजनीतिक दल समाजवादी पार्टी को घेरने में लगे हैं, उन्हें भाजपा के खिलाफ अपनी लड़ाई पर ध्यान देना चाहिए।
विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगी दल सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने इसे पार्टी की ‘डबल तैयारी’ बताया।
महंगाई को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने बढ़ती महंगाई का मुद्दा भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया। उन्होंने कहा कि त्योहारों का समय नजदीक है और इस दौरान आम लोगों के घरेलू खर्च बढ़ रहे हैं।
उन्होंने चीनी, मिठाई, साबुन, तेल और अन्य जरूरी सामान की कीमतों में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए सरकार पर महंगाई नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा।
इथेनॉल मिश्रण पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अगर इससे वास्तव में उपभोक्ताओं और किसानों को फायदा हो रहा है तो सरकार को इसके फायदे स्पष्ट रूप से बताने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नीतियों का लाभ आम जनता के बजाय बड़े कारोबारियों को मिल रहा है।
मुफ्त राशन को लेकर भी उठाया सवाल
अखिलेश यादव ने सरकार के प्रति व्यक्ति आय बढ़ने के दावों और मुफ्त राशन योजना के आंकड़ों को जोड़ते हुए सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार प्रति व्यक्ति आय बढ़ने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराना पड़ रहा है। उनका सवाल था कि यदि आम लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है तो इतनी बड़ी आबादी को मुफ्त राशन की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।
उन्होंने सरकार से गरीब परिवारों की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर स्पष्ट आंकड़े सामने रखने की मांग की।
मेरठ में किसानों से कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया
अखिलेश यादव ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने मेरठ में किसानों के साथ कथित दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि किसानों के साथ अन्याय किया गया।
उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए और प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए।
प्रयागराज, लखनऊ और गोरखपुर के जलभराव पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने प्रदेश में जलभराव और बाढ़ की स्थिति को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने प्रयागराज में विकास कार्यों और खर्च को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े बजट के बावजूद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या बनी हुई है।
उन्होंने लखनऊ में बंधे से जुड़ी स्थिति और गोरखपुर में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव का भी जिक्र किया। उनका आरोप था कि सरकार बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर आम लोगों को जलभराव जैसी समस्याओं से राहत नहीं मिल रही है।
डेयरी संचालकों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने लखनऊ के पारा क्षेत्र में डेयरी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि ये लोग शहर को दूध की आपूर्ति करते हैं और इनके साथ संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाना चाहिए।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि स्थानीय डेयरी संचालकों पर लगातार दबाव बढ़ाया गया और दूध की आपूर्ति प्रभावित हुई तो बाजार में मिलावटी दूध की समस्या बढ़ सकती है।
अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर डेयरी संचालकों और पशुपालकों के लिए बेहतर योजना लाई जाएगी। उन्होंने कामधेनु योजना से बेहतर व्यवस्था तैयार करने की बात कही, जिससे पशुपालकों को पशुओं के रखरखाव और दूध के कारोबार में मदद मिल सके।
दिव्यांगजनों के लिए अलग घोषणा पत्र का ऐलान
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए दिव्यांगजनों के लिए अलग घोषणा पत्र तैयार करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर दिव्यांगजनों के लिए पेंशन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही मोटर से चलने वाली साइकिल उपलब्ध कराने का भी उन्होंने वादा किया।
महिलाओं को लेकर भाजपा पर निशाना
महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता के वादे को लेकर भी अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब समाजवादी पार्टी ने महिलाओं को 40 हजार रुपये देने की बात कही थी, तब भाजपा नेताओं ने इसके लिए बजट को लेकर सवाल उठाए थे।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय भाजपा की ओर से कई घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन चुनाव के बाद उनका क्रियान्वयन अलग तरीके से होता है। उन्होंने महाराष्ट्र और बिहार का उदाहरण देते हुए इन योजनाओं को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि यदि अन्य राज्यों में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की योजनाएं घोषित की जा सकती हैं तो उत्तर प्रदेश में भी महिलाओं को 40 हजार रुपये देने का वादा पूरा किया जा सकता है।
गोमूत्र खरीद योजना पर भी कसा तंज
भाजपा सरकार की कथित गोमूत्र खरीद योजना पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गोमूत्र खरीदना चाहती है तो उनके पास भी बड़ी मात्रा में गोमूत्र उपलब्ध है और सरकार को बताना चाहिए कि इसे कहां बेचा जाए और भुगतान कैसे होगा।
उन्होंने इसे भाजपा की राजनीतिक रणनीति बताते हुए लोगों से ऐसे दावों को लेकर सावधान रहने की अपील की।
किसानों की खाद और महंगाई का मुद्दा उठाया
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में अखिलेश यादव ने किसानों के लिए खाद की उपलब्धता और लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं और आम जनता की आर्थिक परेशानियों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही है।
उन्होंने स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने वाले लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार का भी मुद्दा उठाया और भाजपा कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए।
चुनाव की तैयारी पर अखिलेश का फोकस
अखिलेश यादव के पूरे संबोधन में सामाजिक न्याय, PDA, महंगाई, शिक्षा, किसान, पशुपालक, महिलाओं और दिव्यांगजनों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी अपने संगठन और सहयोगी दलों के साथ व्यापक स्तर पर तैयारी कर रही है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का मौजूदा गठबंधन मजबूत है और पार्टी सामाजिक न्याय के मुद्दे को केंद्र में रखकर अपनी राजनीतिक लड़ाई आगे बढ़ाएगी।
नोट: इस खबर में अखिलेश यादव द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए गए राजनीतिक और प्रशासनिक आरोपों को उनके बयानों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इन दावों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष अलग हो सकता है।


