कांग्रेस विधायक और पहलवान विनेश फोगाट ने मंगलवार देर शाम करीब 6 बजे मीडिया से बातचीत में पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को लेकर बड़ा बयान दिया। अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए विनेश ने बृजभूषण शरण सिंह की संपत्तियों और धन के स्रोत की ED और CBI से जांच कराने की मांग की।
विनेश फोगाट ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह कई वर्षों तक भाजपा के सांसद रहे हैं और उनके पास काफी संपत्ति और पैसा है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को यह जांच करनी चाहिए कि इतनी संपत्ति और धन का स्रोत क्या है और यह संपत्तियां किस तरह अर्जित की गईं।
पूर्व में अदालत से बरी होने के बाद उठी संपत्तियों की जांच की मांग
बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े महिला पहलवानों के मामले में अदालत के फैसले के बाद विनेश फोगाट ने यह बयान दिया है। इस मामले में बृजभूषण शरण सिंह को अदालत से बरी किया जा चुका है। अब विनेश ने उनके खिलाफ अलग से संपत्तियों और धन के स्रोत की जांच की मांग उठाई है।
विनेश ने कहा कि आम लोगों के खिलाफ जिस तरह जांच एजेंसियां कार्रवाई करती हैं, उसी तरह नेताओं की संपत्तियों और आय के स्रोत की भी जांच होनी चाहिए।
‘बिना हथियार के भी उसके सामने खड़े हैं’
विनेश फोगाट ने कहा कि सत्ता और सरकार का समर्थन होने के बावजूद उनकी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वे बिना हथियार के भी बृजभूषण शरण सिंह के सामने खड़े हैं और उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि जब तक दोनों जीवित हैं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। विनेश ने दावा किया कि बृजभूषण शरण सिंह का ‘किला’ एक दिन पूरे देश के सामने ढहकर रहेगा।
‘लड़कियों के साथ हुई ज्यादती की सजा मिलेगी’
महिला पहलवानों से जुड़े आरोपों पर विनेश ने कहा कि लड़कियों के साथ जो ज्यादती हुई है, उसकी सजा आज नहीं तो कल जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने में समय लग सकता है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि अंततः सच्चाई सामने आएगी।
‘20 साल खेलकर कोई बेतुकी बात पर सड़क पर नहीं बैठता’
अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए विनेश ने कहा कि कोई खिलाड़ी 20 साल तक कुश्ती जैसे खेल में मेहनत करने और देश का नाम रोशन करने के बाद बिना वजह सड़क पर नहीं बैठता। उन्होंने महिला पहलवानों के लंबे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि उनके आरोपों को केवल बेतुकी बातें कहकर खारिज नहीं किया जा सकता।
‘चाहते तो टिकट लेकर राजनीति में आ जाते’
विनेश फोगाट ने कहा कि पहलवानों ने देश के लिए पदक जीते और अपनी पहचान बनाई। अगर उनका उद्देश्य केवल राजनीति में आना होता तो वे किसी राजनीतिक दल से टिकट लेकर चुनाव लड़ सकती थीं। उन्होंने कहा कि भाजपा में भी कई खिलाड़ी राजनीति में आए और उन्हें टिकट मिला, लेकिन उनका संघर्ष किसी राजनीतिक पद के लिए नहीं बल्कि अपने मुद्दे को लेकर है।


