रुपईडीह, गोण्डा। ब्लॉक रुपईडीह की ग्राम पंचायत खरगूपुर डिंगुर में आंधी-तूफान और प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। महीनों की कड़ी मेहनत और हजारों रुपये की लागत लगाने के बाद जब फसल तैयार होने की कगार पर पहुंची, तभी प्राकृतिक आपदा ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खेतों में खड़ी फसल बर्बाद होने से प्रभावित किसानों के सामने अब परिवार की आजीविका चलाने का संकट खड़ा हो गया है।

गांव के किसान कृष्ण मोहन ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि किसान दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार करते हैं। महंगाई के दौर में खाद, बीज और डीजल महंगे दामों पर खरीदना पड़ता है। खेतों की सिंचाई से लेकर जंगली और छुट्टा जानवरों से फसल की सुरक्षा तक में काफी मेहनत और खर्च करना पड़ता है। इसके बावजूद जब फसल तैयार होने का समय आता है, तो आंधी-तूफान और प्राकृतिक आपदा उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर देती है।

उन्होंने कहा कि खेती-बाड़ी ही उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा है। किसान पूरे साल अपनी फसल से होने वाली आमदनी की उम्मीद लगाए रहते हैं। ऐसे में फसल बर्बाद होने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से फसलों को हुए नुकसान का जल्द सर्वे कराने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय पर आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें इस मुश्किल घड़ी में राहत मिल सकेगी।
रिपोर्टः श्री प्रकाश शुक्ला (ब्लॉक संवाददाता, रूपईडीह)