आर्यनगर, गोण्डा। रूपईडीह ब्लॉक क्षेत्र में बेमौसम भारी बारिश और अतिवृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के चलते कई ग्राम पंचायतों में धान की तैयार फसल को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। महीनों की मेहनत पर पानी फिरने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

तैयार धान की फसल प्रभावित, किसानों की बढ़ी चिंता

किसान राजेश कुमार, पवन कुमार, राम खेलावन और झाब्बार ने बताया कि बेमौसम बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित हुई है। कई किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद होने की आशंका है। किसानों को अब आगामी फसल की तैयारी, खेती की लागत और परिवार के घरेलू खर्चों की चिंता सता रही है।

खेत-खेत जाकर वास्तविक नुकसान का आकलन कराने की मांग

किसानों ने मांग की है कि फसल नुकसान का सर्वे केवल कागजी कार्रवाई या औपचारिक निरीक्षण तक सीमित न रहे। इसके लिए प्रशासन और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर ग्राम पंचायत स्तर पर खेत-खेत जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन कराया जाए।

किसानों के मुताबिक, कुरासी, दूल्हापुर पहाड़ी, सरहरा, परना, बगुलहा समेत पूरे ब्लॉक में प्रभावित खेतों का पारदर्शी तरीके से सर्वे होना चाहिए, ताकि किसी भी पात्र किसान का नुकसान आकलन से छूटने न पाए।

लेखपाल ने रिपोर्ट भेजने की कही बात

इस संबंध में क्षेत्रीय लेखपाल विवेक कुमार ने बताया कि उनके कार्यक्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में फसलों के नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कुछ और रिपोर्ट भी भेजी जाएगी, जिससे किसानों को हुए नुकसान की उचित भरपाई की जा सके।

किसानों ने जल्द मुआवजा दिलाने की उठाई मांग

किसानों का कहना है कि समय रहते नुकसान का सही आकलन कर मुआवजा नहीं मिला तो आगामी खेती करना भी मुश्किल हो सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से जल्द सर्वे अभियान पूरा कराने तथा प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।

रिपोर्टः श्री प्रकाश शुक्ला (ब्लॉक संवाददाता, रूपईडीह)