मुरादाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को जेल से रिहा होने के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा हिरासत में लिए जाने के मामले ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने गहरा दुख जताते हुए भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय बाद देश का एक बड़ा नेता जेल से बाहर आ रहा था, लेकिन जेल के गेट पर ही उसे हिरासत में ले लिया गया।
डॉ. एसटी हसन ने कहा कि यह बेहद अफसोस की बात है। उन्होंने कहा, ''इतने दिन के बाद देश का एक बड़ा लीडर जेल से छूटकर आ रहा था और जेल के गेट पर ही उसे हिरासत में ले लिया गया। ईडी वाले उन्हें कहां ले गए, यह तो नहीं मालूम, लेकिन तारीख इन चीजों को काले अक्षरों में लिखेगी।''
'किसी व्यक्ति के साथ इतना सख्त व्यवहार नहीं होना चाहिए'
पूर्व सांसद ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ इस तरह का सख्त व्यवहार नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, आजम खान के खिलाफ जिस स्तर की कार्रवाई की जा रही है, उसके मुकाबले उनका अपराध इतना बड़ा नहीं था। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
जौहर यूनिवर्सिटी का जिक्र कर उठाए सवाल
डॉ. एसटी हसन ने आजम खान द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कोई शराब की फैक्ट्री या जुआघर नहीं बनाया, बल्कि अल्पसंख्यक बच्चों को शिक्षा देने के उद्देश्य से एक शिक्षण संस्थान बनाया था।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुसलमानों के लिए विश्वविद्यालय बनाना कोई पाप है? उन्होंने कहा कि मुसलमान भी इस देश के नागरिक हैं और उन्हें भी शिक्षा प्राप्त करने का पूरा अधिकार है। किसी अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है, तो उसे खत्म कर देना दुखद है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
आजम खान की गिरफ्तारी के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। डॉ. एसटी हसन के बयान ने इस मामले को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब इस पूरे घटनाक्रम पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं पर नजर बनी हुई है।