गोण्डा। उत्तर प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेज गोण्डा (बाबू ईश्वर शरण जिला चिकित्सालय) की नई बहुमंजिला इमारत में लगी लिफ्ट पिछले करीब एक महीने से बंद पड़ी है। इसके चलते अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ऊपरी मंजिलों पर स्थित ओपीडी और वार्ड तक पहुंचना मरीजों के लिए चुनौती बन गया है।

लिफ्ट बंद होने का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों और दिव्यांगों पर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर मौजूद मरीजों को भी तीमारदारों की मदद से सीढ़ियों के रास्ते दूसरी और तीसरी मंजिल तक ले जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों को शारीरिक परेशानी के साथ-साथ दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।

अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि लिफ्ट काफी समय से खराब है। इस समस्या की जानकारी अस्पताल प्रशासन को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक इसे ठीक कराने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए आने वाले लोगों को ओपीडी, इमरजेंसी और वार्ड के बीच आवागमन में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) से जल्द से जल्द लिफ्ट दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके तीमारदारों को राहत मिल सके।

वहीं, चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल तिवारी ने कहा कि खराब लिफ्ट को जल्द से जल्द ठीक कराया जाएगा। अब देखना यह है कि अस्पताल प्रशासन इस समस्या का समाधान कब तक कराता है।