गोण्डा। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के आंकड़ों में कथित अनियमितता का मामला सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने कार्रवाई की है। सीएचसी खरगूपुर और पीएचसी रुपईडीह में तैनात दो एमसीटीएस ऑपरेटरों का कार्यक्षेत्र तत्काल प्रभाव से बदल दिया गया है। यह कार्रवाई सीआरएस पोर्टल के आंकड़ों में अंतर और प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना से जुड़ी शिकायतों के बाद की गई है।
प्रसव से दोगुने से अधिक जारी हुए जन्म प्रमाण पत्र
आधिकारिक आदेश के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से 31 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों की समीक्षा में दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव और जारी किए गए जन्म प्रमाण पत्रों की संख्या में बड़ा अंतर सामने आया।
पीएचसी रुपईडीह में एचएमआईएस पोर्टल पर 547 प्रसव दर्ज किए गए, जबकि इसी अवधि में 1,175 जन्म प्रमाण पत्र जारी हुए। वहीं सीएचसी खरगूपुर में 419 प्रसव दर्ज होने के सापेक्ष 1,197 जन्म प्रमाण पत्र निर्गत किए गए।
प्रसव की दर्ज संख्या की तुलना में जन्म प्रमाण पत्रों की संख्या काफी अधिक होने से पंजीकरण प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। हालांकि, केवल आंकड़ों के इस अंतर से फर्जीवाड़ा साबित नहीं होता। इसके कारणों और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया की विस्तृत जांच जरूरी है।
दो ऑपरेटरों का बदला गया कार्यक्षेत्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ गोण्डा की ओर से जारी आदेश के तहत दो एमसीटीएस ऑपरेटरों का स्थानांतरण किया गया है।
- अमित कुमार शुक्ला: पीएचसी रुपईडीह से हटाकर सीएचसी खरगूपुर भेजे गए।
- अंकिता तिवारी: सीएचसी खरगूपुर से हटाकर पीएचसी रुपईडीह स्थानांतरित की गईं।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आंकड़ों में अंतर के पीछे क्या कारण सामने आते हैं और जांच में किसकी जिम्मेदारी तय होती है।